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विराट हिन्दू सम्मेलन में सामाजिक समरसता को राष्ट्र निर्माण का आधार बताया

By: Naveen Joshi

On: Monday, February 9, 2026 5:28 AM

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देहरादून। संगठित हिन्दू समर्थ भारत की हिन्दू जागरण की दिशा को नई ऊर्जा और चेतना प्रदान करने के उद्देश्य से सर्व हिन्दू समाज के तत्वावधान में विराट हिन्दू सम्मेलन का भव्य आयोजन चायबागान मैदान, सोलापट्टी, मेहूवाला, देहरादून में सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। सम्मेलन में नगर सहित आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में श्रद्धालुजन, संत-महात्मा, सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि एवं प्रबुद्ध नागरिक उपस्थित रहे।

सम्मेलन के मुख्य वक्ता के रूप में प्रांत सामाजिक समरसता संयोजक राजेन्द्र पत्त ने अपने प्रेरक संबोधन में कहा कि हिन्दू समाज के साथ पूर्व में हुए अन्याय एवं वर्तमान समय की सामाजिक-सांस्कृतिक चुनौतियों का समाधान संगठन और समरसता के माध्यम से ही संभव है। उन्होंने सभी प्रकार के भेदभाव को समाप्त कर समाज को एक सूत्र में पिरोने तथा भारत को पुनः विश्वगुरु बनाने हेतु सतत, संगठित एवं सकारात्मक प्रयास करने का आह्वान किया।

उन्होंने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के संस्थापक डॉ. केशवराव बलिराम हेडगेवार के विचारों का स्मरण करते हुए कहा कि सम्पूर्ण हिन्दू समाज को एकजुट करने के उद्देश्य से संघ की स्थापना की गई थी। उन्होंने समाज जीवन में पंच परिवर्तन—सामाजिक समरसता, कुटुंब प्रबोधन, स्वदेशी, नागरिक कर्तव्य एवं पर्यावरण संरक्षण—को आत्मसात करने पर विशेष बल दिया।

इस अवसर पर महामंडलेश्वर ललितानन्द गिरि जी महाराज ने राष्ट्र आराधना को प्रत्येक नागरिक का परम कर्तव्य बताते हुए समाज को संस्कार, सेवा और समर्पण के मार्ग पर आगे बढ़ने का संदेश दिया।

कार्यक्रम के दौरान राम स्तुति, महिषासुर मर्दिनी एवं महाभारत कथा पर आधारित कथक नृत्य-नाटिकाओं का भव्य मंचन किया गया, जिसे दर्शकों ने खूब सराहा। साथ ही समाज सेवा के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाले समाजबंधुओं को ‘सनातन वीर’ की उपाधि से सम्मानित किया गया।

सम्मेलन में विशिष्ट अतिथि के रूप में अनुराधा सिंह, कार्यक्रम संयोजक देवेन्द्र सिंह कहान, कोषाध्यक्ष अजय पाल सहित अजय कुमार, तरुण आनन्द, नरेश चौहान, अभिषेक चौहान, अजय ठाकुर, सुधा चौहान, निर्मला जोशी, अमन पाल एवं राहुल चंदेल विशेष रूप से उपस्थित रहे।

कार्यक्रम का समापन राष्ट्र, समाज एवं संस्कृति के प्रति निष्ठा, एकता और समर्पण के संकल्प के साथ किया गया।

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