Prabhat Chingari
उत्तराखंड

देहरादून में मानव- वन्यजीव संघर्ष प्रबंधन सीखेंगे भारतीय वन सेवा के अधिकारी

देहरादून। राज्य वन सेवा अधिकारियों को प्रशिक्षित करने के लिए भारत के प्रमुख संस्थान, केंद्रीय अकादमी राज्य वन सेवा, देहरादून, भारतीय वन सेवा अधिकारियों के लिए मानव-वन्यजीव संघर्ष प्रबंधन पर तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन कर रहा है।

आईयूसीएन प्रजाति अस्तित्व आयोग (एसएससी) मानव-वन्यजीव संघर्ष और सह-अस्तित्व विशेषज्ञ समूह मानव- वन्यजीव संघर्ष को इस प्रकार परिभाषित करता है- संघर्ष तब उभरता है जब वन्यजीवों की उपस्थिति या व्यवहार मानव हितों या जरूरतों के लिए वास्तविक, कथित, प्रत्यक्ष औरआवर्ती खतरा पैदा करता है।

मानव- वन्यजीव संघर्षो के उपायों की प्रभावी योजना और कार्यान्वयन के लिए प्रभावित समुदायों के सहयोग से, समुदाय के नेतृत्व वाले संरक्षण में अच्छे सिद्धांतों पर विचार करने की आवश्यकता होती है। इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में सह-अस्तित्व के लिए संघर्ष, बंदरों के आतंक का प्रबंधन, बाघ संघर्ष प्रबंधन में प्रौद्योगिकी की भूमिका, मानव-हाथी संघर्ष प्रबंधन, कानूनी प्रावधान, मानव-वन्यजीव संघर्ष शमन के लिए हरित बुनियादी ढाँचा तथा देशभर में मानव-वन्यजीव संघर्ष प्रबंधन में सर्वोत्तम प्रथाओं पर ज्ञान साझा करना आदि विषयों को शामिल किया गया है।

प्रशिक्षण कार्यशाला का उद्घाटन समारोह आज डॉ. जगमोहन शर्मा, भा.व.से., निदेशक, इंदिरा गांधी राष्ट्रीय वन अकादमी, देहरादून की अध्यक्षता में आयोजित किया गया। उन्होंने कार्यशाला में प्रतिभागी अधिकारियो का स्वागत किया व राष्ट्रीय स्तर पर मानव वन्यजीव स्थिति की जानकारी दी और डॉ. समीर सिन्हा, भा.व.से., प्रमुख वन संरक्षक (वन्यजीव) उत्तराखण्ड, देहरादून, प्रशिक्षण कार्यशाला के मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित थे। अपने मुख्य भाषण में उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि क्षेत्र के अधिकारियों और प्रबंधकों को बेहतर निवारक रणनीतियों पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए और उन स्थितियों में जहां संघर्ष हुआ है, तीन बिंदुओं पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए, जैसे तत्काल राहत, पर्याप्त राहत और स्थिति का संवेदनशील प्रबंधन ।

मीनाक्षी जोशी, भा.व. से, प्रधानाचार्या, केंद्रीय अकादमी राज्य वन सेवा, देहरादून, अमलेंदु पाठक, भा.व. से., पाठ्यक्रम निदेशक और संकाय सदस्यों ने मुख्य अतिथि और प्रतिभागियों का स्वागत एवं सत्कार किया।

Related posts

20 स्कूलों के चैंपियन खिलाड़ियों को किया सम्मानित

cradmin

ईमानदारी, कठिन परिश्रम एवं अच्छा व्यवहार छात्रों के सफलता के है मूल मंत्र

prabhatchingari

टिहरी दिवस पर पुरानी टिहरी को नमन, बल्लूपुर में आयोजित हुआ दीप प्रज्वलन…

cradmin

टीएचडीसी द्वारा आयोजित तीसरे टिहरी वाटर स्पोर्ट्स कप 2024 का हुआ सफल समापन

prabhatchingari

ग्रहणकाल में श्री बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर सहित बीकेटीसी के सभी मंदिर बंद

cradmin

बरसाती रपटे में बही यात्रियों से भरी बस, कुल 35 लोग सवार थे बाल– बाल बचे यात्री।

prabhatchingari

Leave a Comment