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डायरेक्ट टू मोबाइल टेक्नोलॉजी से शिक्षा हर छात्र तक पहुंचाने की पहल

 

देहरादून। अब बिना सिम कार्ड और इंटरनेट के भी मोबाइल और टीवी पर फिल्में, मनोरंजन कार्यक्रम तथा शैक्षिक सामग्री देखी जा सकेगी। इस नई तकनीक को बढ़ावा देने के लिए ग्राफिक एरा डीम्ड यूनिवर्सिटी और फ्रीस्ट्रीम के बीच बुधवार को समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए। राज्य के शिक्षा एवं चिकित्सा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने इसे शिक्षा और मनोरंजन के क्षेत्र में एक बड़ी तकनीकी छलांग बताया।

ग्राफिक एरा डीम्ड यूनिवर्सिटी परिसर में आयोजित कार्यक्रम में हुए इस समझौते के तहत ‘डायरेक्ट टू मोबाइल’ तकनीक के माध्यम से फिल्में, मनोरंजन कार्यक्रम, शिक्षण सामग्री, पाठ्यक्रम और कौशल आधारित मॉड्यूल सीधे मोबाइल व टीवी पर प्रसारित किए जा सकेंगे। इससे दूरस्थ और इंटरनेट सुविधा से वंचित क्षेत्रों के विद्यार्थियों को भी गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सामग्री उपलब्ध हो सकेगी। साथ ही आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसी उभरती तकनीकों के प्रति जागरूकता बढ़ाकर छात्रों को भविष्य के लिए तैयार किया जाएगा।

कार्यक्रम में मौजूद शिक्षा एवं चिकित्सा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने कहा कि यह पहल विशेष रूप से ग्रामीण और पर्वतीय क्षेत्रों में शिक्षा को मजबूत करने की दिशा में ऐतिहासिक कदम है। इससे ऐसे छात्रों तक भी शिक्षा पहुंच सकेगी, जहां इंटरनेट की सुविधा सीमित है या लोग डाटा पर अधिक खर्च नहीं कर सकते। उन्होंने कहा कि यह पहल ‘मेक इन इंडिया’ को भी मजबूती देगी और शिक्षा व मनोरंजन के क्षेत्र में सकारात्मक बदलाव लाएगी।

ग्राफिक एरा ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस के अध्यक्ष प्रो. डॉ. कमल घनशाला ने कहा कि देश में शोध कार्यों पर अपेक्षाकृत कम खर्च होने के कारण नई तकनीकों के विकास की गति प्रभावित होती है। उन्होंने कहा कि शोध और पेटेंट को व्यावसायिक उपयोग में लाना भी उतना ही आवश्यक है, जिससे शिक्षा के क्षेत्र में नवाचार के जरिए विद्यार्थियों का भविष्य सशक्त बनाया जा सके।

ग्राफिक एरा की ओर से एग्जीक्यूटिव काउंसिल के सदस्य और 5जी तकनीक से जुड़े वैज्ञानिक पराग नायक ने एमओयू पर हस्ताक्षर किए। उन्होंने कहा कि ‘डायरेक्ट टू मोबाइल’ तकनीक पारंपरिक मोबाइल सिग्नल से अधिक प्रभावी साबित हो सकती है और दूरदराज के छात्रों को शिक्षा से जोड़ने में अहम भूमिका निभाएगी।

फ्रीस्ट्रीम की ओर से सीनियर एडवाइजर सी.के. जैन ने एमओयू पर हस्ताक्षर करते हुए कहा कि इस पहल से लोगों को बेहतर तकनीक और गुणवत्तापूर्ण कंटेंट तक पहुंच मिलेगी, जिससे शिक्षा और मनोरंजन के नए अवसर खुलेंगे।

ब्रॉडकास्ट इंजीनियरिंग सोसाइटी ऑफ इंडिया के चेयरमैन सुनील ने कहा कि यह तकनीक सिम, डाटा और इंटरनेट पर निर्भर नहीं है। जिन क्षेत्रों में इंटरनेट कनेक्टिविटी नहीं है, वहां के छात्रों के लिए यह शिक्षा और मनोरंजन का प्रभावी माध्यम बनेगी।

कार्यक्रम में ग्राफिक एरा डीम्ड यूनिवर्सिटी के प्रो-वाइस चांसलर डॉ. संतोष एस. सर्राफ, डीन इंटरनेशनल अफेयर्स डॉ. डी.आर. गंगोडकर, डीन इंटरनेशनल कोलैबोरेशन डॉ. मांगेराम, डीन मैनेजमेंट डॉ. विशाल सागर सहित विभिन्न विभागों के अध्यक्ष व पदाधिकारी उपस्थित रहे।

 

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