स्टार्टअप नीति-2026, होमगार्डों को कैशलेस स्वास्थ्य सुविधा, पशुधन बीमा योजना और नए विश्वविद्यालयों की स्थापना को भी मिली स्वीकृति
देहरादून/लखनऊ।, उत्तर प्रदेश सरकार ने ऐतिहासिक और सांस्कृतिक पहचान को सुदृढ़ करने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए जलालाबाद का नाम बदलकर ‘परशुरामपुरी’ करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में आयोजित कैबिनेट बैठक में कुल 29 प्रस्तावों पर विचार किया गया, जिनमें से 28 को स्वीकृति प्रदान की गई, जबकि मदरसा शिक्षा से संबंधित एक प्रस्ताव फिलहाल स्थगित रखा गया।
सरकार के अनुसार परशुरामपुरी भगवान परशुराम की जन्मस्थली के रूप में धार्मिक एवं ऐतिहासिक महत्व रखती है। केंद्र सरकार से अनापत्ति प्रमाणपत्र (एनओसी) प्राप्त होने के बाद नाम परिवर्तन के प्रस्ताव को अंतिम मंजूरी दी गई। सरकार का मानना है कि यह निर्णय क्षेत्र की सांस्कृतिक विरासत और ऐतिहासिक पहचान को नई पहचान देगा।
कैबिनेट ने उत्तर प्रदेश स्टार्टअप नीति-2026 और उत्तर प्रदेश स्टार्टअप मिशन को भी स्वीकृति प्रदान करते हुए राज्य में नवाचार और उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए 1,000 करोड़ रुपये के स्टार्टअप फंड, प्रोटोटाइप एवं सीड कैपिटल सहायता तथा इनक्यूबेटरों के लिए वार्षिक अनुदान का प्रावधान किया है। साथ ही समाप्त हो चुकी डेटा सेंटर नीति को पुनः लागू करने का निर्णय भी लिया गया।
बैठक में प्रदेश के लगभग 1.60 लाख होमगार्डों और उनके आश्रितों को 5 लाख रुपये तक की कैशलेस स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराने के प्रस्ताव को भी मंजूरी मिली। इसके अतिरिक्त मुख्यमंत्री जोखिम प्रबंधन एवं पशुधन बीमा योजना लागू करने का निर्णय लिया गया, जिसके तहत पशु बीमा प्रीमियम का 85 प्रतिशत सरकार तथा 15 प्रतिशत पशुपालक वहन करेंगे।
स्वास्थ्य एवं श्रमिक कल्याण के क्षेत्र में भी महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए Employees’ State Insurance Corporation मेडिकल कॉलेज की स्थापना के लिए वाराणसी में निःशुल्क भूमि उपलब्ध कराने का निर्णय लिया गया। साथ ही गोरखपुर और मुरादाबाद में 100-100 बेड के ईएसआईसी अस्पताल स्थापित किए जाएंगे। मेडिकल कॉलेज की आधी सीटें श्रमिकों के बच्चों के लिए आरक्षित रहेंगी।
कैबिनेट ने अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में पदक जीतने वाले खिलाड़ियों की समूह ‘ख’ एवं ‘ग’ के पदों पर सीधी भर्ती संबंधी नियमों में संशोधन को भी स्वीकृति दी। इसके अलावा बिल्हौर में महर्षि महेश योगी इंटरनेशनल एग्रीकल्चर विश्वविद्यालय, गाजियाबाद में अजय कुमार गर्ग विश्वविद्यालय तथा फतेहपुर में ठाकुर युगराज सिंह विश्वविद्यालय की स्थापना को मंजूरी दी गई। वहीं रायबरेली में उद्यान महाविद्यालय एवं अनुसंधान केंद्र, गोरखपुर और मुरादाबाद नगर निगमों के लिए म्यूनिसिपल बॉन्ड सहित कई अन्य प्रशासनिक प्रस्तावों को भी स्वीकृति प्रदान की गई।









