देहरादून,
ग्राफिक एरा डीम्ड यूनिवर्सिटी में स्वच्छ ऊर्जा प्रौद्योगिकियाँ और नेट ज़ीरो उत्सर्जन विषय पर तीन दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन का आज शुभारंभ हुआ। सम्मेलन में देशभर से आए विशेषज्ञों, शोधकर्ताओं और शिक्षाविदों ने स्वच्छ ऊर्जा, नेट ज़ीरो उत्सर्जन तथा सतत् विकास से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर गहन मंथन करते हुए भविष्य की ऊर्जा रणनीतियों पर विचार-विमर्श किया।
सम्मेलन के मुख्य अतिथि इंटरनेशनल सोलर एलायंस के पूर्व महानिदेशक उपेंद्र त्रिपाठी ने कहा कि नेट ज़ीरो उत्सर्जन को केवल एक लक्ष्य के रूप में नहीं, बल्कि विकास की दीर्घकालिक रणनीति के रूप में अपनाने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड जैसे हिमालयी राज्य के लिए यह विषय और भी अधिक प्रासंगिक है, जहां स्वच्छ ऊर्जा प्रौद्योगिकियों का विकास पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ आजीविका सृजन का सशक्त माध्यम बन सकता है। श्री त्रिपाठी ने जोर देते हुए कहा कि नेट ज़ीरो की दिशा में प्रगति केवल नई तकनीकों के आविष्कार से नहीं, बल्कि मौजूदा तकनीकों के व्यावहारिक और समन्वित उपयोग से संभव है।
ग्राफिक एरा डीम्ड यूनिवर्सिटी के कुलपति डॉ. नरपिंदर सिंह ने कहा कि आने वाले वर्षों में ऊर्जा की मांग में तेज़ी से वृद्धि तय है, ऐसे में ऊर्जा उत्पादन के वर्तमान स्रोतों पर पुनर्विचार करना अत्यंत आवश्यक हो गया है। उन्होंने बताया कि वर्तमान में देश की लगभग 60 प्रतिशत ऊर्जा आपूर्ति कोयले पर आधारित है, जिसके कारण ग्रीनहाउस गैसों का उत्सर्जन लगातार बढ़ रहा है। यह स्थिति न केवल पर्यावरण, बल्कि मानव स्वास्थ्य के लिए भी गंभीर चुनौती बनती जा रही है।
तीन दिवसीय इस सम्मेलन के दौरान दस तकनीकी सत्र आयोजित किए जाएंगे, जिनमें सौर ऊर्जा विकास, ऊर्जा भंडारण प्रणालियाँ, ग्रीन हाइड्रोजन, स्वच्छ ऊर्जा के लिए अनुसंधान एवं विकास नीति, संसाधन आकलन, उन्नत सोलर पीवी तकनीक, सोलर अनुप्रयोग, बायोएनर्जी तथा सतत् ऊर्जा समाधान जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से चर्चा होगी। सम्मेलन में देशभर से 120 प्रतिभागी ऑनलाइन और ऑफलाइन माध्यम से सहभागिता कर रहे हैं।
इस राष्ट्रीय सम्मेलन का संयुक्त आयोजन ग्राफिक एरा डीम्ड यूनिवर्सिटी के सेंटर फॉर क्लीन एनर्जी रिसर्च, आईआईटी रुड़की के सेंटर फॉर सस्टेनेबल एनर्जी तथा नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय के नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ सोलर एनर्जी द्वारा किया गया है। सम्मेलन में हाइड्रोजन एसोसिएशन ऑफ इंडिया के अध्यक्ष डॉ. आर. के. मल्होत्रा, इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ साइंस के इंटरडिसिप्लिनरी सेंटर फॉर एनर्जी रिसर्च के प्रो. एस. दासप्पा, आईआईटी रुड़की के सेंटर फॉर सस्टेनेबल एनर्जी के प्रमुख प्रो. सौमित्र सतापथी, ग्राफिक एरा डीम्ड यूनिवर्सिटी के सेंटर फॉर क्लीन एनर्जी रिसर्च के निदेशक डॉ. बी. एस. नेगी, आयोजन सचिव डॉ. संजीव किमोठी, डॉ. देशबंधु सिंह सहित विभिन्न विभागों के अध्यक्ष, शिक्षक-शिक्षिकाएं एवं छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे। सम्मेलन का संचालन डॉ. भारती शर्मा ने किया।
