देहरादून, क्लेमेनटाउन। नवदुर्गा मंदिर में आयोजित शिव महापुराण कथा के दौरान नृसिंह पीठाधीश्वर स्वामी रसिक महाराज ने श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए कहा कि “प्राणिमात्र से प्रेम और सबका सम्मान ही शिवत्व का मार्ग है।” उन्होंने कहा कि समाज में यदि तिरस्कृत, उपेक्षित और परित्यक्तों के लिए भी किसी के हृदय में स्थान है, तो वह निःसंदेह भगवान महादेव के समान पूजनीय बन जाता है।
स्वामी ने भगवान शिव के आदर्शों को रेखांकित करते हुए कहा कि “जिनके जीवन में धतूरा, भाँग, आक, कालकूट विष, सर्प और भूत-प्रेत तक को स्थान मिला, उन्होंने सृष्टि के हर रूप को अपनाकर हमें प्रेम और समर्पण का मार्ग दिखाया।” उन्होंने यह भी कहा कि “वस्तु या व्यक्ति को दिया गया सम्मान समाज में स्वयं के सम्मान को भी बढ़ाता है।”
इस अवसर पर धर्मपुर विधायक विनोद चमोली की धर्मपत्नी शशी चमोली, नगर निगम पार्षद पुष्कर चौहान, साध्वी माँ देवेश्वरी,समाजसेवी विनोद राई , कमल नेगी, राकेश ,लक्ष्मण,मंजू कोटनाला, चतर सिंह नेगी, लीला देवी, आचार्य संजय डोबरियाल, पं. मुकेश नौडियाल, पं. रवि जोशी, सम्पूर्णानन्द मुण्डेपी, विनोद अग्रवाल, सरोज थपलियाल, कांति देवी सहित अनेक श्रद्धालु उपस्थित रहे।
