देहरादून, मैक्स सुपर स्पेशलिटी अस्पताल, देहरादून के कार्डियक विशेषज्ञों ने अत्याधुनिक लीडलेस पेसमेकर तकनीक की मदद से एक 68 वर्षीय महिला की जान बचाई। मरीज, गीता कठैत, कम्प्लीट हार्ट ब्लॉकेज और अत्यंत धीमी हृदय गति (सिर्फ 42 बीपीएम) की स्थिति में अस्पताल की इमरजेंसी में पहुंची थीं। मैक्स अस्पताल की कार्डियक टीम ने डॉ. पुनिश सदाना एवं डॉ. प्रीति शर्मा के नेतृत्व में न्यूनतम इनवेसिव प्रक्रिया द्वारा Avier VR Leadless Pacemaker का सफल प्रत्यारोपण किया। डॉ. पुनिश सदाना, डायरेक्टर – कार्डियक साइंसेज़, ने बताया, “पारंपरिक पेसमेकर की तुलना में लीडलेस पेसमेकर ज्यादा सुरक्षित और आरामदायक है। इसमें छाती में कोई चीरा या तार लगाने की आवश्यकता नहीं होती। यह पेसमेकर हमने मरीज की दाहिनी जांघ की नस के माध्यम से प्रत्यारोपित किया और प्रक्रिया पूरी तरह सफल रही। सिर्फ तीन दिनों में मरीज को अस्पताल से छुट्टी दे दी गई।” डॉ. प्रीति शर्मा, डायरेक्टर – कार्डियक साइंसेज़, ने बताया, “लीडलेस पेसमेकर नई तकनीक के रूप में उभर रहे हैं जो विशेष रूप से बुजुर्गों, वैस्कुलर समस्याओं से ग्रसित और संक्रमण की आशंका वाले मरीजों के लिए बेहद फायदेमंद हैं। यह तकनीक जटिलताओं को कम करते हुए तेज़ रिकवरी सुनिश्चित करती है।” इस तकनीक की सफलता मैक्स सुपर स्पेशलिटी अस्पताल, देहरादून की उन्नत हृदय देखभाल सेवाओं और विश्वस्तरीय उपचार प्रदान करने की प्रतिबद्धता को दर्शाती है। अब ऐसे इलाज के लिए मरीजों को बड़े शहरों का रुख नहीं करना पड़ेगा।मैक्स हेल्थकेयर इंस्टीट्यूट लिमिटेड देश के अग्रणी हेल्थकेयर संस्थानों में से एक है, जो आधुनिक तकनीक, क्लीनिकल उत्कृष्टता और मरीजों की सेवा के उच्चतम मानकों के लिए जाना जाता है। वर्तमान में यह समूह उत्तर भारत में 22 अत्याधुनिक अस्पतालों (लगभग 5,000 बेड्स) का संचालन करता है, जिनमें दिल्ली-एनसीआर, लखनऊ, मुंबई, नागपुर, मोहाली, बठिंडा, देहरादून, गुरुग्राम और बुलंदशहर शामिल हैं।
इसके अतिरिक्त, Max@Home के अंतर्गत घर पर स्वास्थ्य सेवाएं और Max Labs के माध्यम से पैथोलॉजी सेवाएं प्रदान की जाती हैं, जो मरीजों को व्यापक और भरोसेमंद स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराती हैं।
