देहरादून, उत्तराखंड की राजधानी देहरादून के प्रमुख क्षेत्र क्लेमेंटटाउन का नाम बदलकर अब ‘शौर्य नगर’ किए जाने का प्रस्ताव सामने आया है। छावनी परिषद (कैंट बोर्ड) की बैठक में इस संबंध में निर्णय लेते हुए प्रस्ताव को आगे की मंजूरी के लिए लखनऊ भेज दिया गया है।
बैठक में नाम परिवर्तन के लिए तीन विकल्प—शिवालिक नगर, दून वैली और शौर्य नगर—रखे गए थे। विचार-विमर्श के बाद बोर्ड सदस्यों ने सर्वसम्मति से ‘शौर्य नगर’ नाम पर सहमति जताई। अब यह प्रस्ताव रक्षा मंत्रालय के माध्यम से अंतिम स्वीकृति के लिए भेजा जाएगा। मंत्रालय की मंजूरी के बाद ही नाम परिवर्तन आधिकारिक रूप से लागू होगा।
92 साल बाद बदलेगा नाम
बताया जा रहा है कि क्लेमेंटटाउन का नाम करीब 92 वर्षों से प्रचलन में है। इस क्षेत्र का नाम ब्रिटिश काल में फादर आरसी क्लेमेंट के नाम पर पड़ा था, जो वर्ष 1934 में यहां बसे थे।
ऐतिहासिक पृष्ठभूमि
इतिहास के अनुसार, द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान इस क्षेत्र का उपयोग इतालवी युद्ध बंदियों के शिविर के रूप में किया गया था। बाद में वर्ष 1941 में इसे औपचारिक रूप से छावनी क्षेत्र में शामिल कर लिया गया। तब से यह इलाका सैन्य और प्रशासनिक दृष्टि से महत्वपूर्ण रहा है।
सेना क्षेत्र से जुड़ा प्रस्ताव
कैंट बोर्ड के अधिकारियों का कहना है कि चूंकि यह क्षेत्र सेना से जुड़ा हुआ है, इसलिए ‘शौर्य नगर’ नाम देशभक्ति और वीरता का प्रतीक माना गया। इसी आधार पर इसे प्राथमिकता दी गई।
आगे की प्रक्रिया
लखनऊ से प्रस्ताव को मंजूरी मिलने के बाद इसे रक्षा मंत्रालय भेजा जाएगा। मंत्रालय की अंतिम मुहर लगते ही क्लेमेंटटाउन का नाम आधिकारिक रूप से बदलकर शौर्य नगर कर दिया जाएगा।
इस फैसले को लेकर स्थानीय स्तर पर मिश्रित प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं, जहां कुछ लोग इसे गौरव से जोड़कर देख रहे हैं, वहीं कुछ पुराने नाम की ऐतिहासिक पहचान बनाए रखने की बात कर रहे हैं।





