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“ऑपरेशन कालनेमि” — आभासी दुनिया में धर्मांतरण की साजिश का भंडाफोड़

 

देहरादून, 
उत्तराखंड में “ऑपरेशन कालनेमि” के तहत दून पुलिस ने एक सुनियोजित एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर संचालित धर्मांतरण गिरोह का पर्दाफाश किया है। इस गिरोह द्वारा युवतियों को आभासी माध्यमों से बहला-फुसलाकर धर्म परिवर्तन के लिए प्रेरित किया जाता था। यह साजिश न केवल अंतरराज्यीय स्तर पर फैली थी, बल्कि इसके तार पाकिस्तान, दुबई और कश्मीर से भी जुड़े पाए गए। 18 जुलाई 2025 को थाना रानीपोखरी में एक व्यक्ति द्वारा दी गई शिकायत के बाद जांच शुरू हुई, जिसमें वादी ने अपनी 21 वर्षीय पुत्री के व्यवहार में अचानक आए परिवर्तन और उस पर मुस्लिम युवकों द्वारा धर्म परिवर्तन के लिए दबाव बनाए जाने की बात कही।

इस शिकायत पर थाना रानीपोखरी में मुकदमा संख्या 58/2025, धारा 3/5 उत्तराखंड धार्मिक स्वतंत्रता अधिनियम 2018 के अंतर्गत अभियोग पंजीकृत किया गया।

जांच में सामने आया कि गिरोह खास तौर पर भावनात्मक रूप से आहत व परिवार से अलग-थलग पड़ी युवतियों को चिन्हित करता था।

  • सहानुभूति और झूठे वादों के जरिए उन्हें इस्लाम की शिक्षा, कुरान की तालीम, आर्थिक सहायता और विवाह का प्रलोभन देकर धीरे-धीरे उनका ब्रेनवॉश किया जाता था।
  • इस प्रक्रिया में मुस्लिम धर्म अपना चुकी युवतियाँ जैसे कि आयशा उर्फ कृष्णा (गोवा निवासी) सक्रिय भूमिका निभाती थीं।
  • पीड़िता की दोस्ती फेसबुक, व्हाट्सएप, लूडो स्टार जैसे ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स के माध्यम से अबु तालिब (मुजफ्फरनगर), अयान (दिल्ली), तनवीर अहमद (पाकिस्तानी मौलवी)तहसीन (दुबई में कार्यरत पाकिस्तानी) से हुई।
  • कुरान की तालीम Zoom App के माध्यम से दी जा रही थी और धर्मांतरण की योजना को “रेस्क्यू” नाम देकर संचालित किया जा रहा था।
  • धर्मांतरण कराने वाले मौलवियों को धन हस्तांतरण के लिए भारत में रहने वाले सहयोगियों के खातों का इस्तेमाल किया जाता था।
  • एक पीड़िता द्वारा कबूल किया गया कि वह पाकिस्तानी मौलवी को भुगतान के लिए दुबई स्थित तहसीन और देहरादून निवासी सुलेमान के माध्यम से राशि भेजती थी।अब तक की विवेचना में गिरोह से जुड़े जिन नामों का खुलासा हुआ है:
  1. अबु तालिब (मुजफ्फरनगर)
  2. अब्दुल रहमान उर्फ महेन्द्र पाल सिंह (दिल्ली)
  3. अब्दुल रहीम व अब्दुल्ला (दिल्ली निवासी)
  4. अब्दुर रहमान उर्फ रूपेन्द्र सिंह (सहसपुर, देहरादून)
  5. आयशा उर्फ कृष्णा (गोवा)
  6. सुलेमान (देहरादून निवासी, हाल निवासी दुबई)

इनमें से कुछ आरोपियों को आगरा पुलिस पूर्व में गिरफ्तार कर चुकी है, जिन्हें न्यायालय से वारंट बी प्राप्त कर देहरादून लाया जाएगा।

प्रशासन की सतर्कता एवं पुलिस की सजगता

  • पीड़िताओं की काउंसलिंग के दौरान प्रेमनगर क्षेत्र की एक अन्य युवती “उर्फ सुमैया” की संलिप्तता का भी खुलासा हुआ, जिसके आधार पर थाना प्रेमनगर में मुकदमा संख्या 126/25 दर्ज किया गया है।
  • पुलिस की टीमें गिरोह के शेष सदस्यों अयान और सुलेमान की गिरफ्तारी हेतु छापेमारी कर रही हैं।

 “ऑपरेशन कालनेमि”: एक सतत कार्रवाई

दून पुलिस ऑपरेशन कालनेमि के अंतर्गत उन सभी व्यक्तियों को चिन्हित कर रही है जो धार्मिक पहचान छिपाकर महिलाओं को धोखा दे रहे हैं या अवैध रूप से धर्मांतरण में शामिल हैं।

उत्तराखंड में धार्मिक स्वतंत्रता कानून 2018 व समान नागरिक संहिता (UCC) लागू होने के चलते राज्य पुलिस इस प्रकार के मामलों में सख्त कार्रवाई कर रही है।

📞 सूचना देने के लिए आमजन पुलिस हेल्पलाइन से संपर्क कर सकते हैं। आपकी पहचान गोपनीय रखी जाएगी।

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