देहरादून। मुख्यमंत्री उत्तराखण्ड के मार्गदर्शन और पुलिस मुख्यालय के नेतृत्व में चल रहा “ऑपरेशन कालनेमि” देवभूमि की सांस्कृतिक धरोहर और सामाजिक आस्था को सुरक्षित बनाए रखने में बड़ी सफलता हासिल कर रहा है। इस अभियान का लक्ष्य उन असामाजिक व आपराधिक तत्वों पर अंकुश लगाना है, जो अपनी पहचान छिपाकर ठगी, धोखाधड़ी और धर्मान्तरण जैसे अपराधों में लिप्त थे।
- 5500 से अधिक संदिग्ध व्यक्तियों का सत्यापन
- 14 से अधिक गिरफ्तारी
- 1182 निरोधात्मक कार्यवाही
हरिद्वार, देहरादून, टिहरी, पौड़ी, अल्मोड़ा और नैनीताल जैसे जिलों में बड़े पैमाने पर सत्यापन अभियान चलाया गया। हरिद्वार जिले में सबसे ज्यादा 2704 सत्यापन और 3 गिरफ्तारियां दर्ज की गईं, जबकि देहरादून में 922 सत्यापन और 5 गिरफ्तारी हुईं।
- देहरादून से बांग्लादेशी डॉक्टर के वेश में छिपा विदेशी गिरफ्तार।
- सेलाकुई में पहचान छिपाकर लड़कियों को फँसाने वाला युवक दबोचा गया।
- धर्मान्तरण के अन्तर्राष्ट्रीय गिरोह से जुड़े कई आरोपी गिरफ्तार, लुक आउट नोटिस व वारंट जारी।
- टिहरी में फर्जी आईएएस बनकर ठगी करने वाला शातिर गिरफ्तार।
- सहसपुर से साधु के वेश में घूम रहा बांग्लादेशी पकड़ा गया।
- हरिद्वार में फर्जी तांत्रिकों की गिरफ्तारी।
- पिरान कलियर उर्स से अवैध रूप से रह रहे बांग्लादेशियों की पहचान कर डिटेंशन सेंटर भेजा गया।
- शिव भेषधारी आरोपी समेत कई बहुरूपियों को गिरफ्तार कर कड़ी कानूनी कार्रवाई की गई।
आईजी अपराध एवं कानून व्यवस्था श्री नीलेश आनन्द भरणे ने प्रेस ब्रीफिंग में कहा कि “ऑपरेशन कालनेमि” ने स्पष्ट कर दिया है कि देवभूमि की आस्था, संस्कृति और पवित्रता के साथ खिलवाड़ करने वालों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा। पुलिस लगातार सत्यापन और निगरानी अभियान चलाकर बाहरी व संदिग्ध तत्वों की पहचान कर रही है। ऑपरेशन कालनेमि प्रदेशभर में निरंतर जारी रहेगा। जिला स्तर पर विशेष पुलिस टीमें संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रख रही हैं और जनता से भी अपील की जा रही है कि वे ऐसे किसी भी संदेहास्पद तत्व की सूचना पुलिस को तुरंत दें। यह अभियान उत्तराखण्ड पुलिस की प्रतिबद्धता का प्रतीक है—जनता की सुरक्षा और देवभूमि की पवित्रता सर्वोपरि है।
