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स्वामी चिदानंद सरस्वती के करकमलों से ‘डीएफओ डायरी – फॉरेस्ट वॉरियर्स’ फिल्म के पोस्टर का अनावरण

 

 

देहरादून/ऋषिकेश, परमार्थ निकेतन में स्वामी चिदानंद सरस्वती जी के करकमलों से हिन्दी फीचर फिल्म ‘डीएफओ डायरी – फॉरेस्ट वॉरियर्स’ के पोस्टर एवं गीत का अनावरण

ऋषिकेश स्थित परमार्थ निकेतन आश्रम में  स्वामी चिदानंद सरस्वती महाराज जी के करकमलों से हिन्दी फीचर फिल्म ‘डीएफओ डायरी – फॉरेस्ट वॉरियर्स’ के पोस्टर का भव्य अनावरण किया गया। इस अवसर पर फिल्म के प्रेरणादायक गीत ‘राही ओ राही’ का लोकापर्ण भी स्वामी जी द्वारा किया गया, जिसे पद्मश्री कैलाश खेर ने स्वरबद्ध किया है।

 

बिन्सर अग्निकांड से प्रेरित फिल्म, यह फिल्म वर्ष 2024 में अल्मोड़ा जिले की बिन्सर वन्यजीव अभयारण्य में लगी भीषण आग और उसे बुझाते हुए शहीद हुए वनकर्मियों एवं स्थानीय लोगों के साहसिक बलिदान से प्रेरित है। ‘डीएफओ डायरी – फॉरेस्ट वॉरियर्स’ एक एपिसोडिक फिल्म है, जो एक वन अधिकारी “डीएफओ विजय” की डायरी के पन्नों के माध्यम से जंगलों को बचाने की खामोश जंग को उजागर करती है।

फिल्म तीन प्रमुख अध्यायों में विभाजित है—पहला चैप्टर नोबेल पुरस्कार विजेता गुरुदेव रविन्द्रनाथ टैगोर की उत्तराखंड स्थित वीरान हवेली की खोज पर केंद्रित है, जहाँ कॉलेज की छात्राएँ शिकारियों के चंगुल में फँस जाती हैं और डीएफओ विजय उन्हें बचाते हैं। दूसरा चैप्टर लकड़ी माफियाओं के खिलाफ वन विभाग की मुठभेड़ की रोमांचक कहानी दिखाता है। तीसरा चैप्टर उत्तराखंड के जंगलों में लगी भीषण आग और उसे बुझाते हुए शहीद हुए वनरक्षकों के बलिदान पर आधारित है।

फिल्म का हर अध्याय जंगल, वन्यजीवन और पर्यावरण की रक्षा में जुटे गुमनाम योद्धाओं के समर्पण को समर्पित है।

सिनेमाई सौंदर्य और संदेश, फिल्म की शूटिंग नैनीताल, भवाली, पंगोट, मुक्तेश्वर और रामगढ़ की खूबसूरत वादियों में की गई है। हिमालय यहाँ केवल पृष्ठभूमि नहीं बल्कि एक जीवंत पात्र के रूप में उभरता है। ‘डीएफओ डायरी – फॉरेस्ट वॉरियर्स’ केवल एक फिल्म नहीं, बल्कि एक आंदोलन है जो पर्यावरण संरक्षण के प्रति चेतना जगाने का प्रयास करती है।

गीत और संगीत, गीत: ‘राही ओ राही’ — स्वर: पद्मश्री कैलाश खेर

यह गीत नोबेल विजेता टैगोर जी के गीतांजलि लेखन स्थल की खोज को दर्शाने वाला एक भावनात्मक यात्रा-गीत है।

 

गीत: ‘भागीरथो पुनः उठो’ — स्वर: बीजू लाल (आईएफएस)

यह गीत जंगलों को आग से बचाने के लिए युवाओं को प्रेरित करने वाला आह्वान गीत है, जिसमें छोलिया नृत्य की लोकछटा देखने को मिलती है।

निर्माण टीम और कलाकार, फिल्म के लेखक-निर्देशक महेष भट्ट, निर्माता सज्जू लाल टी.आर., तथा कॉन्सेप्ट बीजू लाल (आईएफएस) का है।

मुख्य कलाकारों में बीजू लाल आईएफएस, हर्शिता कोहली, देवेन्द्र बिष्ट, राजेश आर्या, देवेन्द्र रावत, पवन कुमार, गंगा बुटलाकोटी, नीलम, किरन डिमरी, मनोज शाह, मुकेश धस्माना आदि के साथ भवाली क्षेत्र के स्थानीय कलाकार शामिल हैं।

 

पैन-इंडिया रिलीज़ ‘डीएफओ डायरी – फॉरेस्ट वॉरियर्स’ को देशभर के सिनेमाघरों में एक साथ प्रदर्शित किया जाएगा। यह फिल्म हिंदी के साथ-साथ कई क्षेत्रीय भाषाओं में भी रिलीज की जाएगी ताकि पर्यावरण संरक्षण का संदेश देश के हर कोने तक पहुँच सके

यह फिल्म उन निःस्वार्थ वनयोद्धाओं को श्रद्धांजलि है जो प्रकृति की रक्षा के लिए अपने प्राणों की आहुति दे देते हैं। सच्ची घटनाओं से प्रेरित यह कहानी रोमांच, संवेदना और प्रेरणा का संगम है।

 

 

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