देहरादून, सिडकुल, IT पार्क देहरादून की 98.5 एकड़ सरकारी भूमि—जिसकी अनुमानित बाजार कीमत 4,000 करोड़ रुपये से अधिक है—के आवंटन में गंभीर अनियमितताओं और आधिकारिक रिकॉर्ड के गायब होने के मामले पर वरिष्ठ कांग्रेस नेता व अधिवक्ता अभिनव थापर ने तत्काल FIR दर्ज करने और उच्चस्तरीय जांच की मांग की है।
कांग्रेस मुख्यालय देहरादून में 27 नवंबर 2025 को आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में अभिनव थापर ने आरोप लगाया था कि सिडकुल के IT पार्क प्रोजेक्ट से जुड़े 23 वर्षों (2002–2025) का पूरा सरकारी रिकॉर्ड संदिग्ध परिस्थितियों में गायब है।
थापर के अनुसार, उनकी प्रेस कॉन्फ्रेंस के अगले दिन 28 नवंबर को सिडकुल प्रशासन ने “दस्तावेज उपलब्ध कराने” के नाम पर केवल दो पन्नों की नोटशीट उपलब्ध कराई, जो मात्र 04.10.2002 तक सीमित है। वर्ष 2002 से 2025 तक के सभी निर्णय, नोटशीट, अनुमोदन, आवंटन प्रक्रिया, फाइल मूवमेंट और भूमि हस्तांतरण से संबंधित दस्तावेज उपलब्ध नहीं कराए गए।
उन्होंने कहा कि 98.5 एकड़ की बहुमूल्य सरकारी भूमि से जुड़े रिकॉर्ड का इस तरह गायब होना “गहरी साजिश, भ्रष्टाचार और दस्तावेजों को जानबूझकर मिटाने” का संकेत देता है।
सबसे गंभीर पहलू यह है कि मुख्य सूचना आयुक्त ने 16 सितंबर 2025 को स्पष्ट आदेश दिया था कि आवंटन प्रक्रिया की संपूर्ण प्रमाणित प्रति उपलब्ध कराई जाए। इसके बावजूद सिडकुल द्वारा 23 वर्षों का रिकॉर्ड प्रस्तुत न करना सूचना आयुक्त के आदेशों की खुली अवमानना है।
थापर ने मुख्यमंत्री, उद्योग विभाग के प्रमुख सचिव और सिडकुल MD को 03 दिसंबर 2025 को पत्र भेजकर **तत्काल FIR दर्ज करने, फाइल पुनर्निर्माण कराने और एक उच्चस्त
