देहरादून,गाज़ियाबाद स्थित 8वीं बटालियन NDRF में आयोजित राष्ट्रीय CBRN (Chemical, Biological, Radiological & Nuclear) प्रतियोगिता में SDRF उत्तराखण्ड ने शानदार प्रदर्शन करते हुए द्वितीय स्थान प्राप्त किया। प्रतियोगिता के समापन अवसर पर केंद्रीय गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने SDRF टीम को ट्रॉफी एवं ₹75,000 की पुरस्कार धनराशि प्रदान की।
इससे पूर्व, पंजाब के लुधियाना में आयोजित क्षेत्रीय प्रतियोगिता में प्रथम स्थान प्राप्त कर राष्ट्रीय स्तर के लिए चयनित हुई SDRF उत्तराखण्ड की टीम ने एक बार फिर अपने अनुशासन, दक्षता और टीमवर्क से राज्य का मान बढ़ाया।
गौरतलब है कि इसी वर्ष अप्रैल माह में आयोजित राष्ट्रीय CSSR प्रतियोगिता में भी SDRF उत्तराखण्ड ने द्वितीय स्थान प्राप्त कर राज्य पुलिस का गौरव बढ़ाया था।
पुलिस महानिदेशक, उत्तराखण्ड श्री दीपम सेठ ने SDRF टीम को इस उपलब्धि पर बधाई देते हुए कहा कि टीम ने राष्ट्र स्तरीय मंच पर अपने कौशल एवं क्षमता का उत्कृष्ट परिचय दिया है, जो पूरे उत्तराखण्ड पुलिस परिवार के लिए गर्व का विषय है। उन्होंने आशा व्यक्त की कि SDRF भविष्य में भी इसी समर्पण और उत्कृष्टता के साथ राज्य एवं राष्ट्र का नाम रोशन करती रहेगी।
पुलिस महानिरीक्षक, SDRF अरुण मोहन जोशी ने टीम को राष्ट्रीय स्तर पर बेहतर प्रदर्शन के लिए शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि यह सफलता टीमवर्क, सशक्त प्रशिक्षण और अनुशासित कार्यशैली का परिणाम है, जो राज्य की आपदा प्रबंधन क्षमता को और सुदृढ़ बनाती है।
सेनानायक SDRF अर्पण यदुवंशी ने टीम के सामूहिक प्रयासों को सराहते हुए इसे निष्ठा, मनोबल और कड़ी मेहनत का परिणाम बताया। उन्होंने टीम को भविष्य में भी इसी ऊर्जा और लगन से कार्य करने के लिए प्रोत्साहित किया।
टीम का उत्कृष्ट प्रदर्शन, शुभांक रतूड़ी, उपसेनानायक SDRF के नेतृत्व में टीम ने प्रतियोगिता में बेहतरीन प्रदर्शन किया। टीम में उपनिरीक्षक आशीष रावत, उपनिरीक्षक जितेंद्र सिंह, मुख्य आरक्षी उमेश भट्ट, मुख्य आरक्षी नवीन कुंवर, मुख्य आरक्षी दिनेश पुरी, मुख्य आरक्षी शैलेन्द्र चमोली, मुख्य आरक्षी रॉबिन कुमार, आरक्षी राजेंद्र सिंह, आरक्षी नीरज परगाई, आरक्षी संदीप रावत, आरक्षी विकास कुमार, आरक्षी हेमंत रावत, आरक्षी बृजेश चंद्र, आरक्षी विनीत रावत, आरक्षी प्रमोद सिंह, आरक्षी अजीत सिंह, आरक्षी प्रवीन सिंह एवं आरक्षी प्रमोद मठपाल शामिल रहे।
SDRF की इस राष्ट्रीय उपलब्धि ने एक बार फिर उत्तराखण्ड की आपदा प्रबंधन क्षमता एवं पेशेवर दक्षता को देशभर में स्थापित किया है।
