देहरादून। डीआईटी विश्वविद्यालय की एनएसएस परिषद द्वारा सामाजिक जागरूकता, सामुदायिक जुड़ाव और ग्रामीण विकास को बढ़ावा देने के उद्देश्य से 23 फरवरी 2026 से राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय, मालसी गांव में सात दिवसीय एनएसएस विशेष शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में स्वयंसेवकों ने बढ़-चढ़कर भाग लेते हुए विभिन्न सामाजिक विषयों पर जनजागरूकता कार्यक्रम संचालित किए।
शिविर के दौरान एनएसएस स्वयंसेवकों ने साक्षरता, स्वच्छता तथा एड्स जागरूकता जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर जागरूकता रैलियां निकालीं और ग्रामीणों को स्वास्थ्य व सामाजिक मुद्दों के प्रति जागरूक किया। इसके अलावा महिला सशक्तिकरण, स्वास्थ्य जागरूकता और व्यक्तिगत स्वच्छता पर भी जानकारीपूर्ण सत्र आयोजित किए गए, जिनका उद्देश्य ग्रामीण समुदाय में सकारात्मक व्यवहार परिवर्तन को प्रोत्साहित करना था।
सामुदायिक सहभागिता को बढ़ाने के लिए स्वयंसेवकों ने सामाजिक समस्याओं पर आधारित प्रभावशाली नुक्कड़ नाटक प्रस्तुत किया। साथ ही वाद-विवाद, चित्रकला और गायन प्रतियोगिताओं जैसी सांस्कृतिक गतिविधियों का भी आयोजन किया गया, जिससे छात्रों और ग्रामीणों को अपनी रचनात्मकता व्यक्त करने का अवसर मिला। शिविर का समापन पुरस्कार वितरण समारोह के साथ हुआ, जिसमें प्रतिभागी छात्रों और स्वयंसेवकों को सम्मानित किया गया। यह कार्यक्रम एनएसएस के आदर्श वाक्य “मैं नहीं, बल्कि आप” की भावना को साकार करता नजर आया।
इसी क्रम में सामाजिक उत्तरदायित्व और स्वास्थ्य जागरूकता को बढ़ावा देते हुए डीआईटी विश्वविद्यालय के स्कूल ऑफ हेल्थ केयर प्रोफेशनल्स के ऑप्टोमेट्री विभाग ने एनएसएस परिषद के सहयोग से तथा अमृतसर आई क्लिनिक के संयुक्त तत्वावधान में निःशुल्क नेत्र जांच शिविर का आयोजन भी किया।
यह शिविर 25 फरवरी 2026 को प्रातः 10:30 बजे से डीआईटी विश्वविद्यालय परिसर स्थित चाणक्य सेमिनार हॉल में आयोजित किया गया, जिसमें छात्रों, कर्मचारियों और परिसर से जुड़े लोगों की निःशुल्क दृष्टि जांच की गई।
इन पहलों के माध्यम से डीआईटी विश्वविद्यालय सामाजिक उत्तरदायित्व, स्वास्थ्य जागरूकता और सामुदायिक विकास के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को निरंतर मजबूत कर रहा है।
