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रेलवे स्टेशन देहरादून में आतंकी हमले का अभ्यास, एक आतंकी ढेर, एक गिरफ्तार

 

देहरादून,  राष्ट्रीय सुरक्षा परिदृश्य की संवेदनशीलता और देश के विभिन्न हिस्सों में हाल में हुए विस्फोटों को देखते हुए, अपर पुलिस महानिदेशक (अभिसूचना एवं सुरक्षा), उत्तराखंड के निर्देश पर राज्यभर में आतंकवादी हमलों की स्थिति में तत्परता परखने के लिए मॉक ड्रिल आयोजित की जा रही है।

 

इसी क्रम में, एसपी जीआरपी तृप्ति भट्ट के आदेश तथा एडीशनल एसपी जीआरपी अरुणा भारती के नेतृत्व में आज देहरादून रेलवे स्टेशन पर बड़े स्तर पर आतंकवादी हमले से निपटने की कार्यवाही का सफलतापूर्वक अभ्यास किया गया। इस मॉक ड्रिल में जीआरपी देहरादून, एटीएस, जनपदीय पुलिस, बीडीएस/स्वान दस्ता, आरपीएफ, पुलिस दूरसंचार, स्थानीय प्रशासन, चिकित्सा विभाग, अभिसूचना इकाई, एसओजी, अग्निशमन दस्ता, एसडीआरएफ क्यूआरटी और रेलवे विभाग सहित कई एजेंसियों ने सक्रिय भागीदारी निभाई।

 

मॉक ड्रिल के दौरान दो आतंकियों द्वारा प्लेटफॉर्म संख्या 2 के वेटिंग रूम में घुसकर यात्रियों को बंधक बनाए जाने की सूचना ड्यूटी पर तैनात महिला कांस्टेबल लीला ने समय 13:05 बजे प्रभारी निरीक्षक जीआरपी को दी। सूचना के अनुसार दोनों संदिग्धों के पास अत्याधुनिक हथियार और पिट्ठू बैग थे, जिनकी उम्र लगभग 35 वर्ष बताई गई।

 

सूचना मिलते ही जीआरपी देहरादून द्वारा सिटी कंट्रोल रूम को तुरंत अलर्ट किया गया तथा वरिष्ठ अधिकारियों को अवगत कराया गया। मौके पर जीआरपी, एटीएस, जिला पुलिस, बीडीएस, प्रशासन और मेडिकल टीमों के पहुँचने के बाद स्टेशन परिसर को आउटर और इनर कॉर्डन बनाकर सुरक्षित किया गया तथा यात्रियों को तुरंत इवैक्युएट कर सुरक्षित स्थानों पर भेजा गया।

 

एटीएस टीम द्वारा आतंकियों को आत्मसमर्पण की चेतावनी दी गई, किंतु मना करने पर कार्रवाई करते हुए एक आतंकी को मार गिराया गया जबकि एक को जीवित पकड़ लिया गया। दोनों बंधक यात्रियों को सुरक्षित निकाल लिया गया और घायल यात्रियों को स्ट्रेचर के माध्यम से नजदीकी अस्पताल भेजा गया। आतंकियों से हथियार एवं संदिग्ध सामग्री बरामद कर जब्त की गई।

 

मॉक ड्रिल के समापन पर उच्चाधिकारियों ने सभी भागीदार टीमों की कार्यशैली की सराहना की और अभ्यास के दौरान सामने आई कमियों को दूर करने हेतु आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए।

 

यह व्यापक मॉक ड्रिल सुरक्षा एजेंसियों के बीच समन्वय, तत्परता और आपात स्थितियों में त्वरित प्रतिक्रिया की क्षमता को परखने के उद्देश्य से आयोजित की गई, जो कि पूर्णतः सफल रही।

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