*अग्निशमन कार्य के दौरान अपने प्राणों की आहूति देने वाले अग्निशमन अधिकारियों एवं कर्मचारियों को पुलिस उपाधीक्षक चमोली द्वारा दी गयी श्रद्धांजलि*
चमोली ( प्रदीप लखेड़ा )
राष्ट्रीय अग्निशमन सेवा दिवस के अवसर पर 14 अप्रैल 2024 को पुलिस अधीक्षक चमोली श्री सर्वेश पंवार (IPS) महोदय के निर्देशन में पुलिस उपाधीक्षक चमोली श्री अमित सैनी के द्वारा अग्निशमन सेवा सप्ताह का शुभारंभ किया गया। इस दौरान फायर स्टेशन गोपेश्वर में पुलिस उपाधीक्षक चमोली एवं फायर अधिकारी/कर्म0गणों द्वारा अग्निशमन कार्य के दौरान शहीद हुए फायर कर्मियों को पुष्प अर्पित कर भावभीनी श्रद्धांजलि दी गयी तथा 02 मिनट का मौन धारण किया गया।
पुलिस उपाधीक्षक चमोली द्वारा अपने सम्बोधन में कहा गया कि आज हम सभी अभूतपूर्व साहसिक कार्य करने वाले एवं अपने कर्तव्य की बलिवेदी पर सहर्ष बलिदान करने वाले अग्निशमन कर्मियों के प्रति अपनी भावना व्यक्त करने एवं उनकी सेवा भावना के अनुरूप कार्य करने का संकल्प लेने हेतु यहां एकत्र हुए है।
इस दौरान उपस्थित कर्मियों को बताया गया की संभावित आग की घटनाओं से जान माल के नुकसान को कम करने के लिए तकनीकी के साथ-साथ व्यवहारिक ज्ञान भी जरूरी है। आग से होने वाले प्राकृतिक, आर्थिक एवं वन सम्पदा सम्बन्धी नुकसान को कम करने के लिए अग्निशमन कर्मियों को अपने कर्तव्यों के प्रति 24×7 तत्पर रहने तथा 14 से 20 अप्रैल तक चलने वाले अग्निशमन सेवा सप्ताह के तहत जनपद के स्कूलों, महाविद्यालयों, होटलों व औद्योगिक संस्थानों में आग से बचाव एवं अग्नि सुरक्षा उपकरणों को चलाने का प्रशिक्षण दिए जाने हेतु निर्देशित किया गया।
तत्पश्चात पुलिस उपाधीक्षक चमोली द्वारा फायर सर्विस के वाहनों को हरी झड़ी दिखाकर विभिन्न क्षेत्रों के लिए रवाना किया गया। ये फायर सर्विस वाहन अग्निशमन सप्ताह के दौरान आमजनमानस को अग्नि दुर्घटनाओं, आग से होने वाले नुकसान व अग्नि सुरक्षा उपायों प्रति की जागरूक करेंगे।
14 अप्रैल 1944 को मुम्बई बंदरगाह पर फोर्टस्टीकेन नामक मालवाहक जहाज जिस में रुई की गांठे, विस्फोटक सामग्री एवं युद्ध उपकरण भरे हुये थे। जिसमें अचानक आग लगने पर 66 दमकल कर्मी आग बुझाने के दौरान वीरगति को प्राप्त हो गये थे। इन बहादुर अग्निशमन कर्मियों की स्मृति में पूरे भारतवर्ष में 14 अप्रैल को अग्निशमन दिवस मनाया जाता है।
इस दौरान यातायात उ0नि0 श्री दिगम्बर उनियाल, प्रभारी फायर यूनिट गोपेश्वर एल0एफ0एम0 श्री प्रदीप द्विवेदी सहित अन्य कर्मगण उपस्थित रहे।

--- 






