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उत्तराखंड एक विचार – देवभूमि के 25 वर्षों का चिंतन : राज्य के विकास पर हुआ मंथन

By: Naveen Joshi

On: Thursday, October 30, 2025 7:04 PM

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देहरादून। ब्रह्मकमल शक्ति संस्था व दून डायलॉग के संयुक्त तत्वावधान में आज दून लाइब्रेरी में “उत्तराखंड एक विचार – देवभूमि के 25 वर्षों का चिंतन” विषय पर गोष्ठी व विमर्श कार्यक्रम आयोजित किया गया। यह आयोजन राज्य गठन के 25 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में उत्तराखंड के सामाजिक, आर्थिक, पर्यावरणीय और सांस्कृतिक परिदृश्य पर चिंतन के उद्देश्य से किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत राज्य आंदोलन के शहीदों और आपदाओं में दिवंगत नागरिकों को श्रद्धांजलि अर्पित कर की गई। संयोजक अभिनव थापर ने कहा कि 25 वर्षों की यात्रा में राज्य की उपलब्धियों और चुनौतियों पर चिंतन कर भविष्य की दिशा तय करना ही इस आयोजन का उद्देश्य है। कार्यक्रम के तीन सत्र आयोजित हुए। पहले सत्र “पर्यावरण, विज्ञान और प्रौद्योगिकी” में विधायक किशोर उपाध्याय, कुलपति डॉ. राजेंद्र डोभाल, अधिवक्ता अभिजय नेगी और संयोजक अभिनव थापर ने विचार रखे। सत्र का संचालन अनूप नौटियाल ने किया। दूसरे सत्र “रोजगार, युवा और आर्थिक–राजनीतिक परिदृश्य” में पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत, विधायक विनोद चमोली और उक्रांद के केंद्रीय उपाध्यक्ष शांति प्रसाद भट्ट ने भाग लिया। इसमें पलायन, हिमालय नीति और राज्य की विकास रूपरेखा पर चर्चा हुई। तीसरे सत्र “लोक संस्कृति, परंपरा और महिला सशक्तिकरण” में पद्मश्री बसंती देवी, लोक गायक सौरभ मैठाणी, राज्यमंत्री विनोद उनियाल, अधिवक्ता स्निग्धा तिवारी और रंगकर्मी डॉ. राकेश भट्ट ने विचार व्यक्त किए। कार्यक्रम में वरिष्ठ नौकरशाहों, शिक्षाविदों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और राज्य आंदोलनकारियों ने भी सहभागिता की। समापन पर अतिथियों को स्मृति–चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया। संयोजक अभिनव थापर ने ब्रह्मकमल शक्ति संस्था, दून डायलॉग सहित सहयोगी संस्थाओं आह्वान, हिमालय गंगा बचाओ, उत्तराखंड विमर्श, HDC फाउंडेशन और MAD संस्था को विशेष धन्यवाद ज्ञापित किया।

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