आइटीआइ में ड्यूल सिस्टम ऑफ ट्रेनिंग की 1200 नई सीटें बढ़ेंगी
देहरादून : उत्तराखंड में कौशल विकास को नई दिशा देने के लिए औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों (आइटीआइ) में ड्यूल सिस्टम ऑफ ट्रेनिंग (डीएसटी) का विस्तार किया जा रहा है। इस प्रणाली के तहत प्रशिक्षणार्थियों को 50 प्रतिशत शिक्षा कक्षाओं में और 50 प्रतिशत प्रशिक्षण सीधे उद्योगों में प्रदान किया जाएगा। इससे युवाओं को तकनीकी ज्ञान के साथ-साथ उद्योगों की वास्तविक कार्यशैली का अनुभव भी मिलेगा।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा इस वर्ष पांच और आइटीआइ में डीएसटी पाठ्यक्रम शुरू करने की घोषणा की गई थी। अब सरकार अगले वर्ष इसका दायरा बढ़ाकर इसे 50 संस्थानों तक ले जाने की तैयारी कर रही है। इसी के साथ प्रदेश में डीएसटी सीटों की संख्या मौजूदा 827 से बढ़ाकर 2000 की जाएगी। इससे करीब 1200 नई सीटें जुड़ेंगी।
वर्तमान में प्रदेश के 32 औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों में डीएसटी पाठ्यक्रम संचालित हो रहे हैं। यहां नामांकित विद्यार्थियों को मासिक आठ हजार से 12 हजार रुपये तक का स्टाइपेंड भी प्रदान किया जा रहा है।
कौशल विकास विभाग का कहना है कि अधिक से अधिक युवाओं को उद्योग आधारित प्रशिक्षण से जोड़कर रोजगारोन्मुख बनाया जाएगा। इस पहल से न केवल प्रदेश में प्रशिक्षित युवाओं को रोजगार के अवसर मिलेंगे, बल्कि राज्य कौशल विकास के क्षेत्र में एक नई पहचान भी बनाएगा।
इसके अतिरिक्त प्रदेश में अब तक आठ सेंटर ऑफ एक्सीलेंस स्थापित किए जा चुके हैं। सरकार का लक्ष्य आगामी वर्षों में इनकी संख्या बढ़ाकर 25 तक करना है। इन केंद्रों के माध्यम से युवाओं को उच्चस्तरीय तकनीकी शिक्षा और अत्याधुनिक प्रशिक्षण उपलब्ध कराया जाएगा।
