देहरादून, ग्राफिक एरा में विशेषज्ञ ने छात्र-छात्राओं को एआई और उसके टूल्स के निर्माण और उनके कार्य करने की बारीकियों की जानकारी दी।
ग्राफिक एरा डीम्ड यूनिवर्सिटी में एआई एजेंट, रिट्रीवल ऑग्मेंटेशन जेनरेशन जैसे विषयों की बारीकियां सीखने के लिए कार्यशाला का आयोजन किया गया। इंडस्ट्री विशेषज्ञ श्री देव ऋषि खरे ने कहा कि औद्योगिक स्तर पर एआई इंजीनियर की मांग लगातार बढ़ रही है। उन्होंने चैट जीपीटी, लार्ज लैंग्वेज मॉडल, एप्लीकेशन डाटा प्रोसेसिंग जैसे एआई टूल्स की कार्यप्रणाली को सरल और व्यावहारिक उदाहरण के माध्यम से समझाया।
ग्राफिक एरा डीम्ड यूनिवर्सिटी के प्रो-वी.सी डा. संतोष एस. सर्राफ ने कहा कि भले ही आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस कई कार्यो को ऑटोमेटेड करता है पर यह कुशल पेशेवरों के लिए नई संभावनाएं और अवसर भी उत्पन्न करता है।
कार्यशाला का आयोजन ग्राफिक एरा डीम्ड यूनिवर्सिटी के कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग डिपार्टमेंट और आई.ई.ई.ई ग्राफिक एरा स्टूडेंट चैप्टर ने संयुक्त रूप से किया। कार्यशाला में ग्राफिक एरा डीम्ड यूनिवर्सिटी के कुल सचिव डा. नरेश कुमार शर्मा, डीन ऑफ इंटरनेशनल अफेयर्स डा. डी. आर. गंगोडकर, कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग डिपार्टमेंट के एचओडी डा. डी.पी सिंह, आई.ई.ई.ई ग्राफिक एरा स्टूडेंट चैप्टर के कोऑर्डिनेटर पीयूष अग्रवाल के साथ अन्य शिक्षक-शिक्षिकाएं और छात्र-छात्राएं शामिल रहे।
