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उत्तराखंड

कुमाऊं रेजिमेंट का 24 वर्षीय एक जवान शहीद, सर में मारी गोली

देहरादून,हल्द्वानी। वीरता और पराक्रम के धनी कुमाऊं रेजीमेंट के एक और हल्द्वानी। वीरता और पराक्रम के धनी कुमाऊं रेजीमेंट के एक और जवान शहीद हो गए। मणिपुर में तैनात अल्मोड़ा जिले के सोमेश्वर निवासी जवान के सिर पर गोली लग गई। बताया जा रहा है कि आज उनका पार्थिक शरीर उनके घर सोमेश्वर पहुंचेगा। बेटे की शहादत के बाद परिवार में कोहराम मच गया।
जानकारी के अनुसार अल्मोड़ा जिले के सोमेश्वर तहसील के चनौदा, बूंगा निवासी कमल सिंह भाकुनी उम्र 24 वर्ष ड्यूटी के दौरान शहीद हो गये। उन्हें संदिग्ध हालात में गोली लगी। कमल 16 कुमाऊं रेजीमेंट के जवान थे, जो वर्तमान में मणिपुर में तैनात थे। बताया जा रहा है कि 25 दिन पहले ही वह अवकाश के बाद ड्यूटी पर लौटे थे। कमल चार साल पहले भारतीय सेना में भर्ती हुए थे। बेटे की शहादत की खबर सुन माता-पिता बेसुध हो गये।
बताया जा रहा है कि शहीद कमल के पिता चंदन सिंह भाकुनी गांव में ही खेती-बाड़ी करते हैं, जबकि माता दीपा भाकुनी गृहणी हैं। उनका बड़ा भाई प्रदीप भाकुनी भी भारतीय सेना में है। शहीद का पार्थिव शरीर आज सोमेश्वर लाया जायेगा। गोली कैसे लगी, इसकी स्पष्ट जानकारी किसी को नहीं है। जवान के शहीद होने की खबर

से पूरे गांव में शोक की लहर है।जवान शहीद हो गए। मणिपुर में तैनात अल्मोड़ा जिले के सोमेश्वर निवासी जवान के सिर पर गोली लग गई। बताया जा रहा है कि आज उनका पार्थिक शरीर उनके घर सोमेश्वर पहुंचेगा। बेटे की शहादत के बाद परिवार में कोहराम मच गया।

हल्द्वानी। वीरता और पराक्रम के धनी कुमाऊं रेजीमेंट के एक और जवान शहीद हो गए। मणिपुर में तैनात अल्मोड़ा जिले के सोमेश्वर निवासी जवान के सिर पर गोली लग गई। बताया जा रहा है कि आज उनका पार्थिक शरीर उनके घर सोमेश्वर पहुंचेगा। बेटे की शहादत के बाद परिवार में कोहराम मच गया।

जानकारी के अनुसार अल्मोड़ा जिले के सोमेश्वर तहसील के चनौदा, बूंगा निवासी कमल सिंह भाकुनी उम्र 24 वर्ष ड्यूटी के दौरान शहीद हो गये। उन्हें संदिग्ध हालात में गोली लगी। कमल 16 कुमाऊं रेजीमेंट के जवान थे, जो वर्तमान में मणिपुर में तैनात थे। बताया जा रहा है कि 25 दिन पहले ही वह अवकाश के बाद ड्यूटी पर लौटे थे। कमल चार साल पहले भारतीय सेना में भर्ती हुए थे। बेटे की शहादत की खबर सुन माता-पिता बेसुध हो गये।

बताया जा रहा है कि शहीद कमल के पिता चंदन सिंह भाकुनी गांव में ही खेती-बाड़ी करते हैं, जबकि माता दीपा भाकुनी गृहणी हैं। उनका बड़ा भाई प्रदीप भाकुनी भी भारतीय सेना में है। शहीद का पार्थिव शरीर आज सोमेश्वर लाया जायेगा। गोली कैसे लगी, इसकी स्पष्ट जानकारी किसी को नहीं है। जवान के शहीद होने की खबर
से पूरे गांव में शोक की लहर हैl

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