“50 फुट के रावण, 45 फुट के मेघनाथ एवं 40 फुट के कुम्भकरण के पुतलों के साथ स्वर्णजड़ित भव्य लंका रहेगी आकर्षक के केन्द्र”
“कार्यक्रम को वीआईपी संस्कृति से पूरी तरह से रखा गया दूर, मंच का प्रतिनिधित्व 100 वर्ष की आयु पूर्ण कर चुके वरिष्ठ नागरिक डा. यूसी चॉदना करेंगे”
देहरादून, दून में इस वर्ष के दशहरा आयोजन को ऐतिहासिक बनाने के लिये बन्नू बिरादरी द्वारा युद्धस्तर पर कार्य किये जा रहे हैं। रावण, कुम्भकरण व मेघनाथ के पुतलों को निर्मित करने के लिए मुज्जफरनगर से दक्ष कारीगर बुलाये गये है। यह जानकारी बन्नू बिरादरी के अध्यक्ष हरीश विरमानी ने एक पत्रकार वार्ता में दी l स्थानीय प्रेस क्लब में पत्रकारों से बातचीत करते हुये हरीश विरमानी ने कहा कि महानगर में मुख्य दशहरा पर्व का आयोजन विगत 76 वर्षों से “बन्नू बिरादरी द्वारा परेड ग्राउण्ड में किया जा रहा था। सार्वजनिक कार्यक्रमों के लिए परेड ग्राउण्ड की अनुपलब्धता के कारण बन्नू बिरादरी द्वारा सर्वसम्मिति से निर्णय लिया गया है कि इस वर्ष 12 अक्टूबर को “77वाँ दशहरा महोत्सव” पूर्व में स्थापित कुछ परम्पराओं में बदलाव करते हुये, बन्नू स्कूल, रेसकोर्स के मैदान में अधिक आकर्षक एवं नवीन भव्यता के साथ मनाया जायेगा।
विरमानी ने कहा इस वर्ष का दशहरा पर्व आम जनता के लिए समर्पित रहेगा और इसे वीआईपी संस्कृति से पूरी तरह से दूर रखा जायेगा। इसलिये इस वर्ष दशहरा पर्व में उपस्थित होने हेतु किसी भी रुप में “आमन्त्रण पत्र” नहीं छपवाये गये हैं और न ही किसी व्यक्ति विशेष को मुख्य अतिथि, विशिष्ट अतिथि के रुप में आमन्त्रित किया गया है। इस वर्ष दशहरा पर्व की मुख्य अतिथि दून की सम्मानित जनता होगी, जिनका प्रतिनिधित्व मंच पर 100 वर्ष की आयु पूर्ण कर चुके वरिष्ठ नागरिक डा. यूसी चॉदना करेंगे।
उन्होंने कहा कि इस वर्ष 50 फुट के रावण, 45 फुट के मेघनाथ एवं 40 फुट के कुम्भकरण के पुतले और स्वर्णजड़ित भव्य लंका का निर्माण भी किया जा रहा है। वहीं महानगर में बढ़ते यातायात जाम के कारण जनता को होने वाली परेशानी को देखते हुये यह भी ऎतिहासिक निर्णय लिया गया है कि रावण दहन से पूर्व गोपीनाथ मन्दिर से परेड ग्राउन्ड तक निकलने वाली शोभायात्रा का भी संचालन नहीं किया जायेगा। इसके स्थान पर रावण दहन से पूर्व श्री रामचन्द्र जी की जीवन लीला का सजीव मंचन बन्नू स्कूल के विद्यार्थियों द्वारा किया जायेगा। रावण दहन के पश्चात बन्नू स्कूल के मैदान में रंगारंग आतिशबाजी की जायेगी। इसके लिऐ कैथल हरियाणा से विशेष कारीगर बुलाये गये है। जिनके द्वारा राष्ट्रीय पर्यावरण इन्जीनियरिंग अनुसंधान संस्थान द्वारा निर्धारित मानको वाले ग्रीन पटाखे जो कि ईको फ्रेंडली हैं, आतिशबाजी के समय जलाये जायेंगे। जिससे वातावरण में वायु प्रदूषण बढ़ने की कोई भी सम्भावना नहीं होगी। विरमानी ने कहा कि विगत वर्षों में पहली पंक्ति में जिन स्थानों को वीवीआईपी के लिये आरक्षित किया जाता था, इस वर्ष उन कुर्सियों पर ” पहले आओ पहली कतार में कुर्सी पाओं” नियम के तहत आम जनता को सबसे आगे बैठने का स्थान मिलेगा। विरमानी ने कहा कि इस वर्ष का एक और महत्वपूर्ण बदलाव यह है कि दशहरा उत्सव मनाने के लिये बाजार और जन सामान्य से चन्दा नहीं लिया गया है। समाज के गणमान्य व्यक्तियों द्वारा इस आयोजन में लगने वाली सम्पूर्ण धनराशि की व्यवस्था की गयी है, वहीं इस वर्ष के दशहरा पर्व के आयोजन हेतु बन्नू बिरादरी द्वारा दशहरा कमेटी का गठन नहीं किया गया है।
प्रेस वार्ता में बन्नू बिरादरी अध्यक्ष हरीश विरमानी, मनीष गेरा, हरीश गुलाटी, संतोख नागपाल, विक्की खन्ना, तिलक राज चॉदना, राम भाटिया, संजय भाटिया, सुरेश भाटिया, अजय कथूरिया, अशोक वर्मा आदि मौजूद रहे ।
