रूड़की,भारतीय मानक ब्यूरो (BIS), देहरादून शाखा द्वारा होटल दीप रेज़ीडेंसी, रूड़की में “मानक मंथन एवं उद्योग संवेदनशीलता कार्यक्रम” का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य दंत चिकित्सा उपकरणों से संबंधित अधिसूचित भारतीय मानकों — IS 19051:2025, IS 18951:2025 एवं IS 18101:2023 — तथा गुणवत्ता नियंत्रण आदेश (QCOs) के बारे में उद्योग जगत को जागरूक करना था।
कार्यक्रम की मुख्य अतिथि राज्यसभा सांसद कल्पना सैनी ने BIS के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि “गुणवत्ता और सुरक्षा एक सशक्त और आत्मनिर्भर भारत की बुनियाद हैं।” उन्होंने उपस्थित उद्यमियों से BIS मानकों को अपनाने का आग्रह किया और “मेक इन इंडिया” अभियान को गति देने का आह्वान किया।
विशेष अतिथि के रूप में उपस्थित शोभराम प्रजापति (राज्य मंत्री, माटी कला बोर्ड, उत्तराखंड) एवं भरत भूषण (अध्यक्ष, रुड़की स्मॉल स्केल इंडस्ट्रीज़) ने एमएसएमई क्षेत्र के लिए BIS प्रमाणन के लाभों पर प्रकाश डाला और इसे प्रतिस्पर्धात्मकता एवं निर्यात में वृद्धि का माध्यम बताया।
BIS देहरादून के निदेशक एवं प्रमुख सौरभ तिवारी ने स्वागत भाषण में कहा कि “दंत चिकित्सा उपकरणों में मानकों का अनुपालन न केवल रोगी की सुरक्षा को सुनिश्चित करता है, बल्कि यह जैव-संगतता एवं वैश्विक गुणवत्ता मानकों की पूर्ति भी करता है।” उन्होंने जीवन रक्षक उपकरण, उन्नत निदान तकनीक तथा सहायक प्रौद्योगिकी के संदर्भ में BIS मानकों की भूमिका को रेखांकित किया और सरल, डिजिटल व उद्योग-अनुकूल प्रमाणन प्रक्रिया की जानकारी दी।
कार्यक्रम में 60 से अधिक दंत चिकित्सा उपकरण निर्माता, वितरक, शैक्षणिक संस्थानों के प्रतिनिधि एवं सरकारी अधिकारी उपस्थित रहे। प्रतिभागियों ने BIS विशेषज्ञों से प्रत्यक्ष संवाद कर तकनीकी व नियामकीय दिशा-निर्देशों पर विस्तृत जानकारी प्राप्त की।
