अमित शाह बोले – संघ से जुड़ा होना कोई ‘माइनस पॉइंट’ नहीं
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को प्रमुख अखबारों में प्रकाशित अपने लेख में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) प्रमुख डॉ. मोहन भागवत की खुलकर प्रशंसा की। इससे पहले भी स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर दिए अपने संबोधन में पीएम मोदी ने संघ की “राष्ट्र के लिए सेवा” की सराहना की थी।
इसी कड़ी में, केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने एक इंटरव्यू में कहा कि “राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से जुड़ा होना कोई ‘माइनस पॉइंट’ नहीं है।”
इन बयानों को भाजपा और संघ के रिश्तों में नई गर्माहट के संकेत के रूप में देखा जा रहा है। पिछले लोकसभा चुनावों से पहले और बाद में दोनों संगठनों के बीच मतभेद की खबरें सामने आई थीं। उस समय भाजपा अध्यक्ष जे. पी. नड्डा ने कहा था कि पार्टी अब संगठनात्मक रूप से संघ पर निर्भर नहीं है। इस बयान से संघ खेमे में असंतोष पनपा था और कार्यकर्ताओं के मनोबल पर असर पड़ने की अटकलें लगाई गई थीं।
2024 के चुनाव में भाजपा को कम बहुमत मिलने और गठबंधन सहयोगियों—तेलुगु देशम पार्टी और जनता दल (यूनाइटेड)—पर निर्भर होना पड़ा। चुनावी नतीजों के बाद भागवत ने अपने एक भाषण में कहा था कि “सच्चा सेवक मर्यादा में रहकर काम करता है और अहंकार से दूर रहता है।” इसे भाजपा नेतृत्व के लिए संदेश माना गया था।
बाद में महाराष्ट्र और हरियाणा विधानसभा चुनावों में भाजपा की जीत से संकेत मिले कि संघ और भाजपा के रिश्ते फिर पटरी पर लौट आए हैं। अब प्रधानमंत्री और गृहमंत्री के बयानों से साफ है कि भाजपा अपनी विचारधारा के मूल स्तंभ—संघ—को खुले तौर पर अपनाने की दिशा में बढ़ रही है
