नैनबाग (शिवांश कुंवर)टिहरी: जिला कारागार, टिहरी में बंदियों के कल्याण एवं पुनर्वास के उद्देश्य से अधीक्षक अभिलाष गैरोला की अध्यक्षता में एक विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस अवसर पर अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार सामाजिक न्याय आयोग के प्रदेश सचिव एवं जिला कारागार स्वतंत्र निगरानी समिति के सदस्य कुलदीप सिंह नेगी भी मौजूद रहे।
कार्यक्रम में अधीक्षक अभिलाष गैरोला ने बताया कि बंदियों को नई दिशा देने के लिए प्रत्येक सोमवार को उनसे व्यक्तिगत रूप से मुलाकात की जाती है और उन्हें कुछ नया सीखने के लिए प्रेरित किया जाता है। वर्तमान में कारागार में बंदियों को लिफाफा निर्माण, सीमेंट बेस गमले बनाना, वाल पेंटिंग, एपण आर्ट और पौधारोपण जैसे विभिन्न कौशल सिखाए जा रहे हैं, जिससे वे रिहाई के बाद अपने जीवन में सकारात्मक कार्यों की ओर अग्रसर हो सकें।
पर्यावरण संरक्षण के तहत प्रत्येक बंदी द्वारा एक पौधा लगाया गया है, जिसकी देखरेख स्वयं बंदी कर रहे हैं। वहीं, प्रदेश सचिव कुलदीप सिंह नेगी ने बंदियों से संवाद स्थापित कर उनकी समस्याओं, सुझावों और आवश्यकताओं को गंभीरता से सुना तथा उन्हें मानवाधिकारों के प्रति जागरूक किया।
उन्होंने अधीक्षक द्वारा हर सोमवार को बंदियों से सीधा संवाद स्थापित करने की पहल को सराहनीय बताया और कहा कि इससे बंदियों में सकारात्मक सोच विकसित होती है।
इस दौरान अधीक्षक और स्वतंत्र निगरानी समिति के सदस्य द्वारा बंदियों को दैनिक उपयोग के लिए ट्रैक सूट भी वितरित किए गए। कार्यक्रम में विभिन्न विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई। इस तरह के प्रयास बंदियों के मनोबल को मजबूत करने के साथ ही उनके सुधार और पुनर्वास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित हो रहे हैं।
