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उत्तराखंड

जनगणना को लेकर नगर निगम सख्त, पारदर्शिता और समयबद्धता पर जोर

देहरादून, नगर निगम देहरादून में  जनगणना कार्यों की प्रगति की समीक्षा के लिए एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता नगर आयुक्त एवं प्रमुख जनगणना अधिकारी ने की। बैठक में नोडल अधिकारी, प्रभारी अधिकारी (जनगणना) तथा नगर निगम क्षेत्र के सभी पांच चार्ज अधिकारी मौजूद रहे।

बैठक के दौरान जनगणना कार्यों की वर्तमान स्थिति, तैयारियों, संसाधनों की उपलब्धता तथा आगामी कार्ययोजना पर विस्तृत चर्चा की गई। अधिकारियों को जनगणना के प्रत्येक चरण को निर्धारित समयसीमा के भीतर प्रभावी ढंग से पूर्ण करने के निर्देश दिए गए।

बैठक में जानकारी दी गई कि जनगणना कार्य दो चरणों में संपन्न किया जाएगा। प्रथम चरण के अंतर्गत हाउस लिस्टिंग एवं आवासीय विवरण का संकलन किया जाएगा, जिसमें प्रत्येक भवन, आवासीय इकाई एवं उससे संबंधित आधारभूत सुविधाओं का विवरण दर्ज किया जाएगा। द्वितीय चरण में जनसंख्या से संबंधित आंकड़े, सामाजिक एवं आर्थिक स्थिति, शिक्षा, रोजगार आदि का विस्तृत डेटा एकत्र किया जाएगा।

प्रथम चरण के लिए नगर निगम देहरादून क्षेत्र को पांच चार्ज में विभाजित किया गया है। इन पांचों चार्ज में कुल 1958 हाउस लिस्टिंग ब्लॉक (एचएलबी) गठित किए गए हैं, जिससे कार्य को सुव्यवस्थित एवं सुगम बनाया जा सके। प्रत्येक ब्लॉक में गणनाकर्मियों की नियुक्ति कर दी गई है, जो घर-घर जाकर जानकारी एकत्र करेंगे। इनके कार्यों की निगरानी एवं गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए 340 पर्यवेक्षकों को तैनात किया गया है।

बैठक में यह भी बताया गया कि गणनाकर्मियों एवं पर्यवेक्षकों को बेहतर प्रशिक्षण प्रदान करने के लिए नगर निगम सभागार, दून मेडिकल कॉलेज सभागार, एसजीआरआर संस्थान तथा दून विश्वविद्यालय जैसे प्रमुख संस्थानों में प्रशिक्षण सत्र आयोजित किए जा रहे हैं। प्रशिक्षण कार्यक्रम 22 अप्रैल 2026 तक निरंतर संचालित रहेगा, जिसमें उन्हें डेटा संग्रह की प्रक्रिया, तकनीकी पहलुओं, डिजिटल उपकरणों के उपयोग तथा नागरिकों से संवाद स्थापित करने के तरीके सिखाए जा रहे हैं।

प्रमुख जनगणना अधिकारी ने बैठक में स्पष्ट किया कि जनगणना एक अत्यंत महत्वपूर्ण राष्ट्रीय दायित्व है, जिसके आंकड़ों के आधार पर सरकार द्वारा विभिन्न नीतियां एवं योजनाएं बनाई जाती हैं। इसलिए इस कार्य को पूर्ण पारदर्शिता, सटीकता और समयबद्धता के साथ संपन्न करना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने सभी अधिकारियों को निर्देशित किया कि किसी भी स्तर पर लापरवाही न बरती जाए और प्रत्येक जानकारी को सावधानीपूर्वक दर्ज किया जाए।

बैठक में स्वयं गणना (सेल्फ-एन्यूमरेशन) की सुविधा पर भी विशेष जोर दिया गया। बताया गया कि यह सुविधा 10 अप्रैल 2026 से 24 अप्रैल 2026 तक उपलब्ध रहेगी। नागरिक आधिकारिक पोर्टल https://se.census.gov.in/⁠� पर जाकर अपनी यूनिक आईडी प्राप्त कर सकते हैं और स्वयं अपनी जानकारी ऑनलाइन दर्ज कर सकते हैं। इस प्रक्रिया से न केवल समय की बचत होगी, बल्कि डेटा की सटीकता भी बढ़ेगी।

अधिकारियों ने बताया कि स्वयं दर्ज की गई जानकारी का क्षेत्रीय स्तर पर सत्यापन (वेरिफिकेशन) भी किया जाएगा, ताकि किसी भी प्रकार की त्रुटि को समय रहते सुधारा जा सके।

बैठक के अंत में सभी संबंधित अधिकारियों को आपसी समन्वय बनाए रखते हुए जनगणना कार्य को सफलतापूर्वक संपन्न करने के निर्देश दिए गए तथा यह सुनिश्चित करने को कहा गया कि प्रत्येक नागरिक तक इस प्रक्रिया की जानकारी पहुंचे, जिससे अधिक से अधिक लोग इसमें सहभागिता कर सकें।

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