देहरादून। वीवीआईपी कार्यक्रमों की सुरक्षा व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक देहरादून के निर्देश पर जनपदभर में संदिग्ध व्यक्तियों की तलाश एवं सत्यापन के लिए सघन चेकिंग अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में कोतवाली पटेलनगर क्षेत्रान्तर्गत स्थानीय पुलिस एवं एल.आई.यू. की संयुक्त टीम को बड़ी सफलता हाथ लगी है। संस्कृति लोक कॉलोनी क्षेत्र में चेकिंग के दौरान दो संदिग्ध महिलाएं पकड़ी गईं। पूछताछ में दोनों के बांग्लादेशी नागरिक होने की पुष्टि हुई। तलाशी में दोनों के मोबाइल फोन से बांग्लादेशी पहचान पत्र बरामद हुए। प्रारंभिक पूछताछ में दोनों महिलाओं ने स्वीकार किया कि वे अवैध रूप से सीमा पार कर भारतीय क्षेत्र में घुसीं और कई वर्षों से देश में रह रही थीं।
1️⃣ स्वाति उपाध्याय उर्फ मरियम, पुत्री सिद्दीक अकोन, निवासी ग्राम सोन बुनिया, बरगुना सदर, जिला बरगुना, बांग्लादेश
2️⃣ शिवली अख्तर उर्फ जॉली उर्फ सना, पुत्री जसमुद्दीन, निवासी ग्राम जिन्नत अली, हाजीबारी, पोस्ट ऑफिस रसूलपुर, थाना देवीदर, जिला कुमिल्ला, बांग्लादेश
दोनों ने पूछताछ में बताया कि वे अलग-अलग समय पर भारत में अवैध रूप से दाखिल हुईं और बाद में दिल्ली में मिलीं। वहीं से दोनों ने मिलकर देहरादून आने का निर्णय लिया। स्वाति ने दिल्ली में टैक्सी चालक धर्मवीर से परिचय बढ़ाकर विवाह किया, जिससे उसे एक वर्ष की पुत्री है। दूसरी अभियुक्ता शिवली ने सहारनपुर में एक कारपेंटर सलमान से शादी की, जिसे उसने मॉल में मुलाकात के दौरान झांसे में लिया था। उसका दस माह का पुत्र है। एसएसपी देहरादून के निर्देशानुसार, दोनों महिलाओं को हिरासत में लेकर विधिक कार्यवाही की जा रही है। दोनों को नियमानुसार बांग्लादेश डिपोर्ट करने की प्रक्रिया प्रचलित है। गौरतलब है कि ऑपरेशन कालनेमि के तहत दून पुलिस द्वारा पूर्व में भी अवैध रूप से रह रहे सात बांग्लादेशी नागरिकों को गिरफ्तार कर डिपोर्ट किया गया था, जबकि सात अन्य के विरुद्ध अभियोग पंजीकृत कर उन्हें जेल भेजा जा चुका है।
एसएसपी देहरादून ने कहा कि वीवीआईपी कार्यक्रमों को देखते हुए पुलिस लगातार सतर्क है तथा बाहरी एवं संदिग्ध व्यक्तियों की निगरानी और सत्यापन की कार्रवाई निरंतर जारी रहेगी।
