04 जून को गौचर – सारी के समीप झालीमट में अलकनंदा नदी में होगा समुद्र मंथन
(प्रदीप लखेरा की रिपोर्ट )
बिजराकोट क्षेत्र के आराध्य देव रावल और लाटू देवता की देवरा यात्रा सैकड़ों गांवों का भ्रमण और भगवान बद्रीविशाल से भेंट करने के बाद कपीरी पट्टी के गांवों, चांदपुर गढ़ी से होते हुऐ कर्णप्रयाग, झिरकोटी और बमोथ से रात्रि विश्राम के लिए गडुना गांव पहुंची।
22 नवंबर से प्रारंभ हुई बिजराकोट क्षेत्र के आराध्य देव रावल व लाटू देवता की छह माह की देवरा यात्रा अब तक जनपद रूद्रप्रयाग और चमोली जिले के सैकड़ों गांवों तथा बद्रीविशाल भगवान के दर्शनोंउपरांत जोशीमठ व दशोली ब्लाक के गांवों से होते हुऐ कपीरी पट्टी, चांदपुर गढ़ी, कर्णप्रयाग होते हुए शनिवार को रात्रि विश्राम के लिए झिरकोटी (चट्टवापीपल) पहुंची।
आज रविवार को प्रातः झिरकोटी में पूजन इत्यादि के बाद रावल व लाटू देवता की देवरा यात्रा विकासखंड पोखरी के गांव बमोथ होते हुऐ रात्रि विश्राम के लिए गडूना गांव पहुंची।
बमोथ पहुंचने पर गांववासियों द्वारा पंचायत भवन में रावल व लाटू देवता का पुष्प वर्षा के साथ भव्य स्वागत किया गया। गांववासियों द्वारा अपने – अपने घरों से धूप, पुष्प, अर्घ्य लाकर भेंट किया गया। तथा गांव की सुख समृद्धि की कामना करते हुऐ आशीर्वाद प्राप्त किया।
देवरा यात्रा के अध्यक्ष बृज मोहन पंवार, संयोजक सुनील पंवार ने बताया कि 04 जून को गौचर – सारी के समीप झालीमट में अलकनंदा नदी में समुद्र मंथन होगा। जिसमे आप सभी लोगों से अपील है कि इस कार्यक्रम में अवश्य ही भाग ले। तथा बिजराकोट गांव में होने वाले महायज्ञ अनुष्ठान के बाद रावल व लाटू देवता अपने स्थान पर विराजमान हो जायेंगे।

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