देहरादून,। ग्राफिक एरा डीम्ड यूनिवर्सिटी में “आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस में मानकीकरण और नैतिकता” विषय पर एक कार्यशाला आयोजित की गई। इसमें राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर एआई के मानकीकरण के प्रयासों पर विस्तृत चर्चा हुई।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि कुलपति डा. नरपिंदर सिंह ने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस इंसानों की जगह नहीं लेगा, बल्कि यह विकास की नई राहें खोलेगा। उन्होंने छात्र-छात्राओं से ग्राफिक एरा के आईओएस सेंटर का अधिकतम उपयोग करने का आह्वान किया। डा. सिंह ने बताया कि यह सेंटर एनवीआईडीआईए जीपीयू तकनीक से सुसज्जित है और छात्रों को एआई के लिए एक मजबूत आधार प्रदान कर रहा है।
बीआईएस देहरादून के निदेशक सौरभ तिवारी ने कहा कि एआई की भूमिका मानव की सहायता करना है। उन्होंने कहा कि एआई का मूल सिद्धांत सीखना, सोचना और निर्णय लेकर परिणाम देना है। श्री तिवारी ने युवाओं को नवाचार और नए विचारों को अपनाने के लिए प्रेरित किया।
बीआईएस की डीडीजी (स्टैंडर्डाइजेशन) डा. रीना गर्ग ने कहा कि बीआईएस छात्रों को मानकों और विश्वविद्यालय से संबंधित पहलुओं को समझने में मदद करता है। उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर मानकीकरण संगति, सटीकता और स्पष्ट संचार सुनिश्चित करने में अहम भूमिका निभाता है।
कार्यक्रम का आयोजन बीआईएस सीएसई स्टूडेंट चैप्टर और कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग विभाग के संयुक्त तत्वावधान में किया गया। इस अवसर पर आईओएस सेंटर के हेड डा. सचिन घई, सीएसई विभागाध्यक्ष डा. देवेश प्रताप सिंह, सहित बड़ी संख्या में शिक्षक-शिक्षिकाएं और छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।
