देहरादून। एसएसपी देहरादून को मिली गोपनीय सूचना के आधार पर रविवार को पुलिस ने ऑपरेशन कालनेमि के तहत बड़ी सफलता हासिल की। दून पुलिस ने सेलाकुई क्षेत्र से एक बांग्लादेशी नागरिक को गिरफ्तार किया है, जो अपनी वास्तविक पहचान छिपाकर बंगाली डॉक्टर के रूप में अवैध रूप से निवास कर रहा था।
गिरफ्तार आरोपी के पास से पुलिस ने फर्जी आधार कार्ड, पैन कार्ड और ड्राइविंग लाइसेंस बरामद किया है। फिलहाल एलआईयू, स्पेशल ब्रांच, एसओजी, स्थानीय पुलिस और आईबी संयुक्त रूप से अभियुक्त से पूछताछ कर रही हैं।
31 अगस्त को एसएसपी को मिली खुफिया जानकारी पर एलआईयू यूनिट सहसपुर की टीम ने सत्यापन अभियान चलाया। इस दौरान ग्राम कैंचीवाला, धूमनगर चौक, सेलाकुई से संदिग्ध युवक को हिरासत में लिया गया। प्रारंभिक पूछताछ में उसने अपना नाम अमित कुमार पुत्र मनीसन्त अधिकारी, निवासी पश्चिम बंगाल बताया।
हालांकि सख्ती से पूछताछ पर उसने अपना वास्तविक नाम चयन अधिकारी पुत्र मनीसन्त अधिकारी, निवासी जेसोर, बांग्लादेश स्वीकार किया। पुलिस पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वर्ष 2017-18 में वह बेनापोल बॉर्डर, उत्तर 24 परगना (प. बंगाल) के रास्ते भारत आया था। यहां वह अपने ताऊ शंकर के पास संभल (उत्तर प्रदेश) में रहने लगा, जो पहले से बंगाली डॉक्टर की क्लिनिक चलाते थे। वहीं रहकर उसने चिकित्सा कार्य सीखा और अपनी पहचान छिपाकर अमित कुमार नाम से फर्जी आधार, पैन और ड्राइविंग लाइसेंस बनवा लिया।
वर्ष 2022 में ताऊ की मृत्यु के बाद पकड़े जाने के डर से उसने अपना बांग्लादेशी पासपोर्ट जला दिया और विभिन्न स्थानों पर फर्जी भारतीय पहचान के सहारे काम करता रहा। बीते कुछ महीनों से वह सेलाकुई में क्लिनिक चला रहा था।
नाम: अमित कुमार उर्फ चयन अधिकारी
पिता: मनीसन्त अधिकारी निवासी: श्रीपुर, सुल्तानपुर, पोस्ट-ढालग्राम, जेसोर, बांग्लादेश: लगभग 27 वर्ष फर्जी आधार कार्ड – 1,फर्जी पैन कार्ड – 1,फर्जी ड्राइविंग लाइसेंस – 1
थाना सेलाकुई में आरोपी के खिलाफ विदेशी अधिनियम की धारा 14 तथा बीएनएस की धाराएं 318(4)/338/336(3)/340(2) में मुकदमा दर्ज किया गया है।
