छह माह तक लंबित रहे कार्य पर सहायक अभियंता को प्रतिकूल प्रविष्टि, समयसीमा तोड़ने वाली एजेंसियों पर लगेगा भारी जुर्माना
देहरादून,। जनपद में विकास कार्यों को गति देने और आम जनता की सुविधाओं को सुरक्षित बनाए रखने के उद्देश्य से जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने सोमवार को जनपद स्तरीय परियोजना समन्वय समिति की बैठक में विभिन्न विभागों के भूमिगत कार्यों की समीक्षा की। बैठक में 14 विभागों एवं एजेंसियों के प्रस्तावों पर विचार करते हुए कुछ महत्वपूर्ण कार्यों को रात्रि 10 बजे से प्रातः 5 बजे तक सशर्त अनुमति प्रदान की गई।
जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि विकास कार्यों के साथ जनता की सुविधा सर्वोपरि है। उन्होंने निर्देश दिए कि कार्य शुरू करने से पूर्व संबंधित क्षेत्रों में व्यापक सूचना दी जाए तथा पर्याप्त मशीनरी और मानव संसाधन की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। उन्होंने मानसून के मद्देनजर चेतावनी दी कि जिन सड़कों का सुधारीकरण हो चुका है, वहां किसी भी प्रकार की रोड कटिंग या खुदाई की अनुमति नहीं दी जाएगी।
बैठक के दौरान ईसी रोड स्थित होटल रिजेंट के निकट सीवर चैंबर निर्माण और ट्रंक लाइन इंटरकनेक्शन के मात्र दो-तीन दिन के कार्य को छह माह तक लंबित रखने पर जिलाधिकारी ने कड़ी नाराजगी जताई। उन्होंने संबंधित सहायक अभियंता को प्रतिकूल प्रविष्टि जारी करते हुए कहा कि विकास कार्यों में अनावश्यक विलंब और लापरवाही किसी भी स्तर पर स्वीकार नहीं की जाएगी।
डीएम ने विभिन्न विभागों एवं एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय के लिए सभी सक्षम अधिकारियों का औपचारिक व्हाट्सएप समूह बनाने के निर्देश दिए, ताकि कार्यों की नियमित मॉनिटरिंग और त्वरित संवाद सुनिश्चित हो सके।
उन्होंने निर्माणदायी संस्थाओं को चेतावनी दी कि अनुमति मिलने के बावजूद निर्धारित समय में कार्य पूर्ण न करने वाली एजेंसियों के खिलाफ कारण बताओ नोटिस जारी किया जाएगा, आरसी काटी जाएगी और भारी आर्थिक दंड भी लगाया जाएगा। उन्होंने कहा कि विकास कार्यों में किसी भी प्रकार की विफलता या लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
जिलाधिकारी ने यह भी निर्देश दिए कि सिविल कार्यों के दौरान यदि किसी अन्य विभाग की परिसंपत्ति क्षतिग्रस्त होती है तो संबंधित एजेंसी तत्काल समन्वय स्थापित कर उसकी मरम्मत कराए। सभी निर्माण एजेंसियों को पर्याप्त मैनपावर और मशीनरी लगाकर कार्यों को समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूरा करने के निर्देश दिए गए।
बैठक में डीएम ने दो टूक कहा कि अनुमति से अधिक रोड कटिंग, खुदाई अधूरी छोड़ने या सुरक्षा मानकों की अनदेखी करने वाली एजेंसियों के विरुद्ध जब्ती और मुकदमा दर्ज करने जैसी कठोर कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने निर्देश दिए कि रात्रि में की गई खुदाई के गड्ढों को सुबह तक भरना अनिवार्य होगा तथा कार्यस्थलों पर पर्याप्त बैरिकेडिंग, चेतावनी संकेतक और साइनबोर्ड लगाए जाएं, जिससे आमजन की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।
बैठक में विभिन्न विभागों और एजेंसियों के वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया तथा विकास कार्यों को समयबद्ध और प्रभावी ढंग से पूरा करने पर चर्चा की गई।









