देहरादून, ग्राम द्वारा में श्री सत्य साईं बाबा जी के भक्त विजय सिंह रावत के आवास पर प्रातः 11:30 बजे से दोपहर 1:00 बजे तक श्री सत्य साइन बाबा जी के भजन-कीर्तन का विशेष आयोजन किया गया। कार्यक्रम में देहरादून के रायपुर, सुभाष नगर, सरस्वती विहार, जी.एम.एस. रोड, डाकरा, गढ़ी, चांदमारी एवं डी.एल. रोड सहित विभिन्न भजन समिति के साईं भक्तों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की।
कार्यक्रम का शुभारंभ डॉ. लता सिंघल द्वारा वेद पाठ से हुआ। इसके पश्चात भजन मंडली ने भावपूर्ण भजनों की प्रस्तुति दी, जिससे वातावरण भक्तिमय हो उठा। भजन मंडली में श्री सत्य साईं सेवा संगठन उत्तराखंड के प्रदेश अध्यक्ष कर्नल योगेंद्र सिंह, प्रदेश आध्यात्मिक समन्वयक डॉ. लता सिंघल, प्रदेश भजन समन्वयक पांडुरंगा, प्रदेश सेवा समन्वयक सपना थापा, प्रदेश भजन समन्वयक रेखा ठाकुर, संयुक्त प्रदेश आध्यात्मिक समन्वयक राम अवतार गुप्ता, संयुक्त प्रदेश सेवा समन्वयक चांद बल्लभ, किरण अहलुवालिया, सज्जन सिंह थापा, राधावल्लभ, दीपा कौशल, सुधा पुन, समर्थ छेत्री, करुणा रावत, सरिता खन्ना, गौरा देवी , अभिलाष,एवं माया थापा सहित अनेक भक्त शामिल रहे।
कार्यक्रम में विजय सिंह रावत के परिवार एवं ग्राम द्वारा के लगभग 60-70 महिला, पुरुष और बच्चों की उपस्थिति रही। समापन सत्र में राम अवतार गुप्ता ने श्री सत्य साईं बाबा के आध्यात्मिक संदेश का वाचन किया। डॉ. लता सिंघल ने उपस्थित श्रद्धालुओं को अध्यात्म, सत्य, अहिंसा और सदाचार के विषय में प्रेरणादायी उद्बोधन दिया।
अपने संबोधन में प्रदेश अध्यक्ष कर्नल योगेंद्र सिंह ने संगठन द्वारा ग्राम द्वारा में पूर्व में किए गए जनकल्याण कार्यों एवं ग्रामीणों के सहयोग से सामाजिक समरसता के प्रयासों का उल्लेख किया। उन्होंने कलम सिंह, विजय सिंह रावत एवं उदय सिंह पंवार के सहयोग की सराहना करते हुए भविष्य में आत्मिक विकास, बच्चों के चरित्र निर्माण कार्यक्रम एवं मेडिकल शिविर आयोजित करने का संकल्प व्यक्त किया। सज्जन सिंह थापा ने सफल आयोजन के लिए परिवार एवं ग्रामीणों को शुभकामनाएं दीं।
अवसर पर संगठन की ओर से विजय सिंह रावत को स्मृति चिन्ह भेंट किया गया। भोग प्रसाद एवं विभूति वितरण के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ।
कार्यक्रम उपरांत संगठन के पदाधिकारी एवं सदस्य ग्राम में साईं भक्त श्री उदय सिंह पंवार के आवास पर पहुंचे, जहां उनके स्वास्थ्य की कुशलक्षेम जानी गई तथा संगठन की ओर से स्मृति चिन्ह एवं बाबा की विभूति भेंट की गई।
