देहरादून। उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने देहरादून में नरेंद्र मोदी के हालिया भाषण पर सकारात्मक प्रतिक्रिया देते हुए राज्य सरकार और भाजपा नेताओं को कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर नसीहत दी है। सोशल मीडिया पर जारी अपने बयान में रावत ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के संबोधन पर भी टिप्पणी की।
रावत ने कहा कि उन्होंने प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री दोनों के भाषणों को ध्यानपूर्वक सुना, लेकिन उन्हें खेद है कि राज्य के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण आदि कैलाश-बागेश्वर-कोसी-रामनगर-दिल्ली एक्सप्रेस हाईवे तथा कंडी मार्ग जैसे विषयों को अपेक्षित प्राथमिकता नहीं दी गई। उन्होंने सुझाव दिया कि कंडी मार्ग पर एलिवेटेड स्ट्रक्चर विकसित किया जा सकता है, जिससे विकास और वन्यजीव संरक्षण के बीच संतुलन बनाया जा सके।
उन्होंने देहरादून–दिल्ली एक्सप्रेस हाईवे को एक ओर “वरदान” बताया, वहीं इसके कारण भविष्य में उत्पन्न होने वाली संभावित समस्याओं पर भी चिंता व्यक्त की। रावत ने कहा कि बढ़ते ट्रैफिक दबाव और संभावित बॉटलनेक की स्थिति से निपटने के लिए समय रहते ठोस योजना बनाना आवश्यक है।
प्रधानमंत्री के भाषण की सराहना करते हुए उन्होंने कहा कि इस बार विपक्ष पर कटाक्ष करने के बजाय सामूहिकता और सहयोग का संदेश दिया गया, जो स्वागत योग्य है। उन्होंने महिला आरक्षण और परिसीमन जैसे मुद्दों पर संतुलन बनाए रखने की आवश्यकता पर भी जोर दिया।
इसके साथ ही रावत ने केंद्रीय नेताओं अमित शाह और राजनाथ सिंह पर तंज कसते हुए कहा कि वे राज्य को ठोस सहयोग देने के बजाय आलोचना करने से नहीं चूकते।
अंत में उन्होंने आशा व्यक्त की कि देहरादून में बढ़ते ट्रैफिक दबाव को देखते हुए फ्लाईओवर और अंडरपास निर्माण कार्यों को शीघ्र गति दी जाएगी। साथ ही उन्होंने सुझाव दिया कि भविष्य में इस महत्वपूर्ण मार्ग को डॉ. भीमराव अंबेडकर के नाम समर्पित किया जाना चाहिए।
