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कुरुड़ और देवड़ा को राजजात यात्रा के मानचित्र पर शामिल करने की मांग

By: Naveen Joshi

On: Sunday, June 29, 2025 6:37 PM

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देहरादून,
मां नन्दा राजराजेश्वरी सिद्धपीठ कुरुड़ मंदिर “बड़ी जात” (नंदा राजजात) आयोजन समिति ने पौराणिक और सांस्कृतिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण कुरुड़ एवं देवराड़ा स्थलों को नंदा राजजात यात्रा के आधिकारिक मानचित्र पर अंकित करने की सरकार से मांग की है।

इस संबंध में समिति के प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज एवं प्रदेश अध्यक्ष महेन्द्र भट्ट से भेंट कर ज्ञापन सौंपा। प्रतिनिधियों ने बताया कि नंदा देवी राजजात यात्रा में कांसुवा के कुंवर, राजा के प्रतिनिधि के रूप में, मां नंदा देवी सिद्धपीठ कुरुड़ में पूजा-अर्चना कर अपनी मनौती अर्पित करते हैं। यह एक अत्यंत प्राचीन और पौराणिक परंपरा है, जिसमें कुरुड़ और बधाण क्षेत्र के पुजारियों द्वारा पूजा संपन्न कराई जाती है।

प्रतिवर्ष कुरुड़ से “छोटी जात” यात्रा आयोजित की जाती है तथा 12 वर्षों में एक बार “बड़ी जात” (राजजात यात्रा) संपन्न होती है, जो हिमालयी महाकुंभ के रूप में प्रतिष्ठित है। इसके बावजूद, सिद्धपीठ कुरुड़ और देवराड़ा को राजजात के आधिकारिक यात्रा मानचित्र में सम्मिलित नहीं किया गया है। प्रतिनिधिमंडल ने आग्रह किया कि इन दोनों स्थानों को यात्रा के मुख्य पड़ावों में शामिल किया जाए।

इसके अतिरिक्त, प्रतिनिधिमंडल ने प्रसिद्ध “लॉर्ड कर्जन पथ” को “नंदा राजराजेश्वरी पथ” घोषित करने का भी अनुरोध किया।

मुख्यमंत्री एवं पर्यटन मंत्री ने पूरे विषय पर गंभीरता से विचार कर शीघ्र समाधान का आश्वासन दिया।

प्रतिनिधिमंडल में धनीराम गौड़, प्रकाश चंद गौड़, जनार्दन प्रसाद गौड़, राकेश चंद्र गौड़, अशोक प्रसाद गौड़, विपुल मैंदोली, जगत सिंह नेगी, रणजीत सिंह, रघुनाथ फरस्वाण, सुनील कोठियाल, मनीष नेगी, दीपक पंत, गंभीर रावत, सुरजीत बिष्ट, दलबीर बिष्ट, लक्ष्मण नेगी आदि शामिल थे।

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