देहरादून। डीबीएस ग्लोबल विश्वविद्यालय, देहरादून में डिजिटल दृढ़ता हेतु पारिस्थितिक प्रगति, प्रबंधन एवं स्थिरता विषय पर अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन “ड्रीम्स-2025” का भव्य शुभारंभ हुआ। दो दिवसीय इस आयोजन में भारत के 25 राज्यों और 6 देशों से आए 800 से अधिक प्रतिभागियों ने शिरकत की। इस दौरान 350 से ज्यादा शोधपत्र प्रस्तुत किए गए।
सम्मेलन में मलेशिया विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, मह्सा विश्वविद्यालय, यूनिमी (मलेशिया), गेदिक विश्वविद्यालय (तुर्की) तथा बीसी शिक्षा संस्थान (सिंगापुर) ने सक्रिय सहयोग किया।
मुख्य अतिथि डॉ. इंद्रेश कुमार (राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ) ने कहा—
“आज का युग डिजिटल परिवर्तन का युग है। यदि इसे सतत विकास और पर्यावरण संरक्षण से जोड़ा जाए तो समाज और राष्ट्र दोनों नई दिशा पाएंगे। युवा शक्ति इस बदलाव की सबसे बड़ी ताक़त है।”
विशिष्ट अतिथि गोपाल कृष्ण अग्रवाल (अर्थशास्त्री व वरिष्ठ प्रबंधन विशेषज्ञ) ने कहा—
“भविष्य की अर्थव्यवस्था डिजिटल नवाचार और जिम्मेदार प्रबंधन पर आधारित होगी। ऐसे प्रयास हमें ठोस दिशा प्रदान करते हैं।”
इस अवसर पर विश्वविद्यालय अध्यक्ष मोहित अग्रवाल, कुलपति डॉ. संजय जसोल, कॉन्फ्रेंस अध्यक्ष एवं प्रो-वाइस चांसलर (डॉ.) राजीव भारद्वाज, प्रो-वाइस चांसलर डॉ. मनीष प्रतीक तथा रजिस्ट्रार डॉ. रोहित रस्तोगी सहित विश्वविद्यालय का पूरा नेतृत्व उपस्थित रहा।
विश्वविद्यालय अध्यक्ष मोहित अग्रवाल ने कहा—
“ड्रीम्स-2025 हमारी उस प्रतिबद्धता का प्रमाण है, जिससे हम वैश्विक स्तर पर शोध और नवाचार को बढ़ावा दे रहे हैं।”
कुलपति डॉ. संजय जसोल ने इसे “वैश्विक विमर्श का सशक्त मंच, जो आने वाले वर्षों की दिशा तय करेगा” बताया।
डीबीएस ग्लोबल विश्वविद्यालय शिक्षा के साथ-साथ समाज और राष्ट्र निर्माण में भी सक्रिय योगदान दे रहा है। ड्रीम्स-2025 सम्मेलन इसी प्रतिबद्धता का सशक्त प्रमाण है।
