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उत्तरकाशी में ऐतिहासिक माघ मेले का विधिवत शुभारंभ

By: Naveen Joshi

On: Wednesday, January 14, 2026 11:37 PM

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देहरादून/उत्तरकाशी, मकर संक्रांति के पावन अवसर पर उत्तरकाशी में सुप्रसिद्ध ऐतिहासिक माघ मेला (बाड़ाहाट कू थौलू) का आज विधिवत शुभारंभ हुआ। बाड़ाहाट पट्टी के आराध्य कंडार देवता एवं बाड़ागड्डी क्षेत्र के हरि महाराज की डोलियों के सानिध्य में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने दीप प्रज्वलित कर मेले का उद्घाटन किया। सप्ताह भर चलने वाला यह पौराणिक मेला जनपद की विशिष्ट धार्मिक, सांस्कृतिक और लोक आस्था की परंपराओं का जीवंत प्रतीक है।

माघ मेले में भाग लेने के लिए विभिन्न क्षेत्रों से ग्रामीण बड़ी संख्या में अपने-अपने लोक देवताओं की डोलियों और धार्मिक प्रतीकों के साथ उत्तरकाशी पहुंचे। भागीरथी नदी में पर्व स्नान के उपरांत कंडार देवता, हरि महाराज सहित अनेक देवडोलियां बाड़ाहाट क्षेत्र स्थित चमाला की चौंरी पहुंचीं, जहां डोली नृत्य, रासो और तांदी नृत्य के माध्यम से पारंपरिक सांस्कृतिक छटा बिखेरी गई।

अपराह्न में रामलीला मैदान में आयोजित उद्घाटन समारोह में कंडार देवता व हरि महाराज की आगवानी के साथ मुख्यमंत्री ने माघ मेले का औपचारिक शुभारंभ किया। इस दौरान घंडियाल देवता, खंडद्वारी देवी, राज-राजेश्वरी देवी, त्रिपुर सुंदरी, नाग देवता और दक्षिण काली सहित अनेक देवडोलियों की उपस्थिति रही। त्रृषिराम शिक्षण संस्थान की छात्राओं ने स्वागत गीत व नृत्य प्रस्तुत किया।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मकर संक्रांति व माघ मेले की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह मेला लोक आस्था का महाकुंभ है, जहां से मांगलिक कार्यों की शुरुआत मानी जाती है। उन्होंने कहा कि उत्तरकाशी अपनी आध्यात्मिक पहचान के साथ विकास के पथ पर भी निरंतर अग्रसर है। सरकार की जनकल्याणकारी योजनाएं अब अंतिम व्यक्ति तक पहुंच रही हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सांस्कृतिक विरासत का संरक्षण करते हुए विकास और पर्यटन के नए अवसर सृजित किए जा रहे हैं। उत्तरकाशी जनपद में 1000 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से सड़क निर्माण, मरम्मत और सुधारीकरण कार्य किए जा रहे हैं। 23 करोड़ की लागत से 50 बेड का क्रिटिकल केयर यूनिट तथा पुरोला में 46 करोड़ की लागत से उपजिला अस्पताल का निर्माण किया जा रहा है। सिलक्यारा टनल का ब्रेकथ्रू हो चुका है, जिससे यमुनोत्री और गंगोत्री के बीच दूरी लगभग 25 किमी कम होगी।

उन्होंने बताया कि 13 डिस्ट्रिक्ट-13 डेस्टिनेशन और वाइब्रेंट विलेज कार्यक्रम के माध्यम से पर्यटन को बढ़ावा दिया जा रहा है। उत्तरकाशी में 12 हजार से अधिक लखपति दीदी बन चुकी हैं, जो आत्मनिर्भर उत्तराखंड की तस्वीर प्रस्तुत करती हैं। राज्य सतत विकास लक्ष्य इंडेक्स में प्रथम स्थान पर है, वहीं उत्तरकाशी भी अग्रणी जिलों में शामिल है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने सख्त भू-कानून, नकल विरोधी कानून, दंगा विरोधी व धर्मांतरण विरोधी कानून लागू कर देवभूमि की संस्कृति और मर्यादा की रक्षा की है। भ्रष्टाचार के विरुद्ध जीरो टॉलरेंस नीति के तहत कड़ी कार्रवाई की जा रही है। युवाओं को पारदर्शिता के साथ रोजगार उपलब्ध कराया जा रहा है और 27 हजार से अधिक युवाओं को नौकरियां दी जा चुकी हैं।

अपने भ्रमण के दौरान मुख्यमंत्री ने पौराणिक भगवान विश्वनाथ मंदिर में पूजा-अर्चना की तथा संतों के आध्यात्मिक संदेशों पर आधारित एक संकलन का लोकार्पण किया। उन्होंने कहा कि संतों का तप और ज्ञान हमारी सांस्कृतिक धरोहर है, जो समाज और युवाओं को सही दिशा प्रदान करता है।

इस अवसर पर गंगोत्री विधायक सुरेश चौहान, पुरोला विधायक दुर्गेश्वर लाल, जिला पंचायत अध्यक्ष रमेश चौहान, भाजपा जिलाध्यक्ष नागेंद्र चौहान, दर्जाधारी राज्यमंत्री राम सुंदर नौटियाल सहित अनेक जनप्रतिनिधि, अधिकारी और बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।

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