देहरादून, उत्तराखंड के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (से नि) ने राजभवन में आयोजित “टीबी मुक्त भारत अभियान” पुरस्कार समारोह में शिरकत की। इस अवसर पर राज्यपाल और स्वास्थ्य मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने टीबी उन्मूलन में अभूतपूर्व योगदान देने वाले निःक्षय मित्रों, ट्रीटमेंट सपोर्टर्स, और टीबी चैंपियनों को सम्मानित किया। उन्होंने उत्कृष्ट कार्य करने वाले जनपदों को भी सराहा और टीबी से स्वस्थ हुए मरीजों को पोषण किट वितरित की।
*जनभागीदारी से ही टीबी उन्मूलन संभव : राज्यपाल*
राज्यपाल ने अपने संबोधन में इस बात पर जोर दिया कि टीबी उन्मूलन केवल सरकारी प्रयासों से संभव नहीं है, बल्कि इसके लिए जनभागीदारी और सामूहिक संकल्प अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने टीबी से स्वस्थ हुए लोगों को “असली योद्धा” बताया और उन्हें समाज के लिए प्रेरणा का स्रोत कहा।
राज्यपाल ने टीबी उन्मूलन के क्षेत्र में कार्यरत सभी व्यक्तियों, स्वयंसेवी संस्थाओं और स्वास्थ्य विभाग के अथक प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि इन्हीं की मेहनत से उत्तराखंड अग्रणी राज्यों में से एक है।
व्यक्तिगत रूप से “निःक्षय मित्र” होने का अनुभव साझा करते हुए राज्यपाल ने बताया कि उन्होंने अब तक 75 टीबी रोगियों को गोद लिया है, जिनमें से 62 पूरी तरह स्वस्थ हो चुके हैं। उन्होंने समाज के सामर्थ्यवान व्यक्तियों से आगे आकर निःक्षय मित्र बनने और इस अभियान को गति देने की अपील की। राज्यपाल ने स्वास्थ्य विभाग से यह सुनिश्चित करने का आग्रह किया कि जानकारी के अभाव में कोई भी रोगी उपचार से वंचित न रहे और यह अभियान अंतिम छोर तक पहुंचे, जिससे प्रत्येक रोगी को समुचित देखभाल और उपचार मिल सके। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि सभी के सम्मिलित प्रयासों से प्रदेश को 2025 तक टीबी मुक्त बनाने का लक्ष्य अवश्य प्राप्त होगा।
*उत्तराखंड को 2025 तक टीबी मुक्त बनाने का लक्ष्य: स्वास्थ्य मंत्री*
इस अवसर पर स्वास्थ्य मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने राज्य को 2025 तक पूरी तरह से टीबी मुक्त बनाने और इस राष्ट्रीय प्रयास में अग्रणी भूमिका निभाने की प्रतिबद्धता दोहराई। उन्होंने बताया कि इस लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं। डॉ. रावत ने घोषणा की कि 01 अगस्त, 2025 से राज्य भर में एक व्यापक “टीबी मुक्त अभियान” शुरू किया जाएगा। इस अभियान के तहत सभी नगर पंचायतों के वार्डों और नगर निगमों के सभी पार्षद वार्डों में विशेष शिविर (कैंप) लगाए जाएंगे, जिनका उद्देश्य समुदाय स्तर पर टीबी के मामलों की पहचान करना, उनका उपचार सुनिश्चित करना और जागरूकता फैलाना होगा।
*सम्मान समारोह में गणमान्य व्यक्तियों की उपस्थिति*
इस कार्यक्रम में सचिव राज्यपाल श्री रविनाथ रामन, सचिव स्वास्थ्य डॉ. आर. राजेश कुमार, अपर सचिव राज्यपाल श्रीमती रीना जोशी, महानिदेशक स्वास्थ्य डॉ. सुनीता टम्टा, निदेशक चिकित्सा शिक्षा डॉ. आशुतोष सयाना, चेयरमैन रेडक्रॉस सोसायटी डॉ. नरेश चौधरी सहित स्वास्थ्य विभाग के अन्य अधिकारी और मेडिकल कॉलेज के छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।
*सम्मानित होने वाले निःक्षय मित्र और ट्रीटमेंट सपोर्टर*
निःक्षय मित्रों में हिमालयन वेलनेस कम्पनी के डॉ. फारुख, हंस कल्चरल फाउंडेशन की सुश्री पूनम किमोठी, देहरादून के श्री मुकेश मोहन, श्री पंकज गुप्ता, साईं इंस्टीट्यूट की डॉ. आरती, रेडक्रॉस सोसायटी की सुश्री कल्पना बिष्ट, कनिष्क हॉस्पिटल की डॉ. रितु गुप्ता, आस संस्था की सुश्री हेमलता बहन, स्वामी राम हिमालयन यूनिवर्सिटी के श्री राजीव बिजल्वाण, देव भूमि स्वराज फाउंडेशन के श्री इन्दर रमोला, महिला जिजीविषा मंच देहरादून की सुश्री डॉली डबराल, लायंस क्लब के श्री रजनीश गोयल और सुश्री ममता थापा शामिल थे।
ट्रीटमेंट सपोर्टरों में कम्युनिटी वॉलिंटियर सुप्रिया, जोया, कनक और आशा कार्यकत्रियों में निर्मला जोशी, नीरज, नीरा कंडारी, मीना काला, गंगा भंडारी, सरोज, नीरू जैन, पूजा जोशी, शिखा अरोड़ा और सचि तिवारी को सम्मानित किया गया।





