देहरादून, ग्राफिक एरा हिल यूनिवर्सिटी में इनोवशन डिजाइन एण्ड एण्टरप्रिन्योरशिप (आईडीई) बूट कैम्प शुरू हो गया।
दो दिन चलने वाले इस बूट कैम्प में शिक्षकों को स्कूली बच्चों को शिक्षित करने के लिए बेहतर उद्यमी व इनोवेटिव स्किल्स सिखाए जायेंगे। बूट कैम्प के उद्घाटन सत्र में राज्य के उद्योग निदेशालय के संयुक्त निदेशक डा. दीपक मुरारी मुख्य अतिथि के रूप में सम्बोधित कर रहे थे। उन्हांेने कहा कि इस बूट कैम्प का उद्देश्य यही है कि स्कूल में पढ़ रहे बच्चों को भी उद्यमशीलता के कौशल और नवाचार से जोड़ा जाये। इसके लिए बूट कैम्प में शिक्षकों को ट्रेनिंग दी जायेगी। उन्हांेने शिक्षकों से कहा कि आप छात्र-छात्राओं को नौकरी देने लायक सशक्त बनाएं ना की किसी के लिए नौकरी करने लायक। डा. मुरारी ने स्टार्टअप के लिए मौजूदा सरकारी योजनाओं पर भी प्रकाश डाला। मिनिस्ट्री आॅफ एजुकेशन, इनोवेशन सेल के इनोवेशन आॅफिसर अभिषेक रंजन ने शिक्षकों से छात्र-छात्राओं के इनोवेटिव आइडियाज को बढ़ावा देने के लिए कहा। उन्होंने कहा कि पहाड़ में बच्चों के पास ज्यादा सुविधाएं नहीं होती, ऐसे में शिक्षकों का कर्तव्य बनता है कि वो छात्र-छात्राओं को नेय कौशल और तकनीकों से रूबरू कराएं ताकि पहाड़ों में बसे छात्र-छात्राओं को भी अवसर प्राप्त हो सकें।
वाधवानी फाउण्डेशन की एण्टरप्रिन्योशिप एजुकेटर डा. रूची गौतम पंत ने स्लाइड्स के जरिए नवाचार के पहलुओं पर प्रकाश डाला। उन्होंने शिक्षकों से स्टार्टअप्स को आगे ले जाने व तकनीकी क्षेत्र से जुड़े रहने का आह्वान किया। कार्यक्रम का आयोजन ग्राफिक एरा हिल यूनिवर्सिटी के प्रो. के. पी. नौटियाल आॅडिटोरियम में किया गया। कार्यक्रम का आयोजन इण्टैलैक्चुअल प्रापर्टी राइट्स एण्ड इंस्टीट्यूशन्स इनोवेशन काउंसिल ने ग्राफिक एरा हिल यूनिवर्सिटी के सहयोग से किया। कार्यक्रम में कुलपति डा. संजय जसोला, आईपीआर, आईआईसी के हेड डा. अरूण प्रताप सिंह, डीन फार्मेसी डा. नरदेव सिंह, प्रो. नीलम कठैत और शिक्षक-शिक्षिकाएं शामिल रहे। कार्यक्रम का संचालन अंशु शर्मा ने किया।
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