Advertisement

भागवत में भक्ति व ज्ञान की अविरल धारा, श्रद्धालु हुए भावविभोर

By: Naveen Joshi

On: Tuesday, September 16, 2025 5:54 PM

Google News
Follow Us

 

देहरादून। देवस्थानम कॉलोनी में चल रही सात दिवसीय श्रीमद् भागवत कथा के दूसरे दिन का सत्र भक्ति और ज्ञान से परिपूर्ण रहा। मथुरा से पधारे प्रसिद्ध कथावाचक सुदेशु नंदन व्यास  जी महाराज ने श्रोताओं को श्रीमद् भागवत महापुराण की महिमा का रसपान कराया।

 

व्यास ने कहा कि भागवत महापुराण भक्ति, ज्ञान, वैराग्य और तत्वबोध का अद्वितीय संगम है। इसमें तीन प्रमुख संवादों—नारद-भक्ति संवाद, सनत कुमार-नारद संवाद और गोकर्ण-धुंधकारी संवाद—के माध्यम से अर्पण, समर्पण और तर्पण की महिमा का विस्तार किया गया है।

 

उन्होंने समझाया कि समाज के लिए किए गए कार्य अर्पण हैं, भगवान के लिए किए गए कार्य समर्पण हैं और पितरों के लिए किए गए कार्य तर्पण कहलाते हैं। जीवन में सत्य का ध्यान ही सबसे महत्वपूर्ण है और यही सत्य भगवान कृष्ण का स्वरूप है।

 

कथा के दौरान शास्त्री जी ने भगवान वेदव्यास द्वारा सत्य के ध्यान से प्रारंभ होने वाले मंगलाचरण की चर्चा की तथा भगवान के 24 अवतारों की कथा सुनाते हुए बताया कि गायत्री मंत्र के 24 अक्षरों के आधार पर भागवत महापुराण की व्याख्या की गई है।

 

इस अवसर पर भाजपा नेता संदीप राणा, समिति के सचिव एस.एल. चौधरी, युवा नेता मनोज नेगी, पूनम सिंह, अभिषेक शर्मा, ललिता राणा, विनीता थापा, कुसुम कुकरेती, वरिष्ठ भाजपा नेता लक्ष्मी प्रसाद सेमवाल समेत अनेक श्रद्धालु उपस्थित रहे।

For Feedback - feedback@example.com

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now

Leave a Comment