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लंबी अवधि में बेहद फायदेमंद है जीवन बीमा; छिटपुट चिंताओं से कहीं बड़े हैं इसके लाभ : : इंश्योरेंस अवेयरनेस कमेटी 

By: Naveen Joshi

On: Friday, June 19, 2026 5:27 PM

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देहरादून, : जीवन बीमा उद्योग ने जीवन बीमा के प्रति अधिक संतुलित और सही दृष्टिकोण अपनाने की आवश्यकता पर बल दिया है। उद्योग का मानना है कि इसके दीर्घकालिक लाभ, जिनमें वित्तीय सुरक्षा, जोखिम से बचाव और अनुशासित बचत शामिल हैं, मिस-सेलिंग जैसी छिटपुट चिंताओं की तुलना में कहीं अधिक बड़े और महत्वपूर्ण हैं।

इंश्योरेंस अवेयरनेस कमेटी – लाइफ इंश्योरेंस (आईएसी-लाइफ) ने ग्राहकों और हितधारकों से आग्रह किया है कि वे जीवन बीमा को केवल तात्कालिक या अल्पकालिक परिणामों के चश्मे से न देखें, बल्कि इसे लंबी अवधि के वित्तीय सुरक्षा माध्यम के रूप में स्वीकार करें।

 

इंश्योरेंस अवेयरनेस कमेटी (आईएसी-लाइफ) के चेयरमैन कमलेश राव ने कहा, “जीवन बीमा को इस तरह तैयार किया गया है कि यह वित्तीय सुरक्षा, परिवारों को मिलने वाले संरक्षण और अनुशासित बचत के माध्यम से दीर्घकाल में वास्तविक लाभ प्रदान करता है। हालांकि, मिस-सेलिंग जैसी चिंताएं निश्चित रूप से मौजूद हैं और उद्योग को इनसे सख्ती से निपटना होगा, लेकिन ये इस पूरे इकोसिस्टम का एक बेहद छोटा हिस्सा हैं, जो आज भी करोड़ों पॉलिसीधारकों को निरंतर बेहतरीन मूल्य और सुरक्षा दे रहा है।”

 

सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि जीवन बीमा ही एकमात्र ऐसा वित्तीय साधन है जो ‘फ्री-लुक पीरियड’ की सुविधा प्रदान करता है। इसके तहत पॉलिसीधारकों को पॉलिसी खरीदने के बाद उसकी समीक्षा करने और अपनी जरूरतों के अनुकूल न होने पर एक निश्चित समय सीमा के भीतर उसे वापस करने का अधिकार मिलता है। यह विशेषता खरीदारी के स्तर पर पारदर्शिता और ग्राहक सुरक्षा का एक अतिरिक्त सुरक्षा कवच प्रदान करती है।

 

जीवन बीमा उत्पादों की संरचना इस तरह की जाती है कि लोग निवेश को लंबी अवधि तक बनाए रखें, क्योंकि इसके परिणाम इसी जीवनचक्र से जुड़े होते हैं। यदि पॉलिसियों का मूल्यांकन समय से पहले किया जाए, तो उनके वास्तविक लाभ तुरंत स्पष्ट नहीं होते। श्री राव ने आगे कहा, “लंबी अवधि के वित्तीय समाधानों को अल्पकालिक चश्मे से देखने पर उनके समग्र मूल्य के बारे में अधूरे निष्कर्ष ही सामने आ सकते हैं।”

जीवन बीमा का मूल उद्देश्य जीवन के संकटपूर्ण उतार-चढ़ाव के समय वित्तीय सुरक्षा देना है। केवल वित्त वर्ष 2024-25 में ही, इस उद्योग ने दावों के निपटान के रूप में 6.3 लाख करोड़ रुपये से अधिक का भुगतान किया है।

इंश्योरेंस अवेयरनेस कमेटी सभी हितधारकों (बीमा कंपनियों, मध्यस्थों और उपभोक्ताओं) से आग्रह करती है कि वे अपनी उम्मीदों को जीवन बीमा की दीर्घकालिक प्रकृति के अनुरूप ढालें और समय के साथ इसके द्वारा मिलने वाले व्यापक लाभ को समझें।

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