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उत्तराखंडस्वास्थ्य

अनाथ राजू को मिला नया जीवन: डीएम की संवेदना और निजी अस्पताल की सेवा ने बचाया हाथ

हेल्पिंग हैंड्स हॉस्पिटल में हुआ नि:शुल्क ऑपरेशन, जिला प्रशासन करेगा पुनर्वास

देहरादून, चमोली से भटकता हुआ देहरादून पहुंचा राजू, ना कोई अपना, ना कोई सहारा। गर्म पानी से हाथ जल गया, दर्द असहनीय था। दून अस्पताल ने हायर सेंटर भेज दिया, लेकिन जेब में फूटी कौड़ी नहीं। हारकर वह सीधा डीएम दफ्तर पहुंचा और भर्राए गले से बोला — “साहब, बहुत दर्द हो रहा है, मेरी मदद करो।”

जिलाधिकारी सविन बंसल ने राजू की हालत देखी, उसकी आंखों में छलकते आंसू और अधजले हाथ की पीड़ा को समझा। बिना वक्त गंवाए उन्होंने हेल्पिंग हैंड्स हॉस्पिटल के बर्न स्पेशलिस्ट डॉ. कुश से बात की और राजू को ‘सारथी वाहन’ से तुरंत अस्पताल भिजवाया।

डॉ. कुश और उनकी टीम ने मानवीयता की मिसाल पेश करते हुए राजू की जलने से खराब हो चुकी हाथ की सर्जरी बिल्कुल मुफ्त में की। अब राजू स्वस्थ है और दर्द से पूरी तरह मुक्त।

डीएम की टीम रख रही है नजर, जल्द होगा पुनर्वास

जिलाधिकारी के निर्देश पर जिला प्रशासन की टीम रोज अस्पताल जाकर राजू का हाल ले रही है। डीएम बंसल ने अस्पताल प्रबंधन का आभार जताया और अधिकारियों को राजू के पुनर्वास के निर्देश भी दिए हैं।

राजू ने बताया, “मैं होटल में मजदूरी करता हूं। चमोली में काम करते हुए गरम पानी से हाथ जल गया। दून अस्पताल ने कहा – हायर सेंटर जाओ। इलाज का खर्च नहीं था, तो डीएम साहब के पास चला आया।”

राजू की कहानी इस बात का उदाहरण है कि प्रशासनिक संवेदनशीलता और सामाजिक सहभागिता से किस तरह एक असहाय को नई जिंदगी दी जा सकती है।

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