देहरादून। निजी कंपनी द्वारा जारी महिला सुरक्षा की एनुअल रिपोर्ट एंड इंडेक्स (NARI) को लेकर उत्तराखंड राज्य महिला आयोग ने सख्त आपत्ति दर्ज की है। आयोग की अध्यक्ष कुसुम कण्डवाल ने स्पष्ट कहा कि इस रिपोर्ट का महिला आयोग से कोई संबंध नहीं है और आयोग किसी निजी सर्वे का समर्थन नहीं करता।
निजी सर्वे पर महिला आयोग की सख्त आपत्ति
दिल्ली में 28 अगस्त को आयोजित नारी 2025 कार्यक्रम में पीवैल्यू एनालिटिक्स के सर्वे के आधार पर ग्रुप ऑफ इंटेलेक्चुअल्स एंड एकेडमिशियंस ने पुस्तक ‘नारी 2025’ प्रकाशित की। इसमें देहरादून को महिलाओं के लिए असुरक्षित शहरों में गिना गया। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए कुसुम कण्डवाल ने कहा, “सिर्फ 12,770 महिलाओं से 31 शहरों में कराए गए सर्वे के आधार पर महिला असुरक्षा का निष्कर्ष निकालना पूरी तरह भ्रामक है। देहरादून की महिलाएं जानती हैं कि यहां सरकार और प्रशासन पूरी तरह सतर्क है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी महिलाओं की सुरक्षा को लेकर बेहद संवेदनशील हैं और किसी भी अप्रिय घटना पर तुरंत सख्त कार्रवाई होती है।”
राष्ट्रीय महिला आयोग का भी समर्थन नहीं
कण्डवाल ने बताया कि इस पुस्तक के विमोचन कार्यक्रम में राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष विजय रहाटकर मौजूद थीं, लेकिन उन्होंने भी इस सर्वे का समर्थन नहीं किया। बाद में फोन पर बातचीत में रहाटकर ने स्पष्ट किया कि न तो इस रिपोर्ट का राष्ट्रीय महिला आयोग से कोई लेना-देना है और न ही यह उनकी ओर से जारी की गई है।
रिपोर्ट तलब करेगा राज्य महिला आयोग
महिला आयोग अध्यक्ष ने कहा कि देहरादून की छवि धूमिल करने का यह प्रयास अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने कहा कि आयोग जल्द ही इस रिपोर्ट से जुड़े तथ्यों को तलब करेगा और आवश्यक कार्रवाई अमल में लाएगा।
