देहरादून। युवा आह्वान के तत्वावधान में यू.सी.एफ. सभागार में आयोजित छठवीं उत्तराखंड युवा विधानसभा के तीसरे दिन सदन में सतत विकास, बढ़ती प्राकृतिक आपदाओं और परिसीमन जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर गंभीर एवं विस्तृत चर्चा हुई। परिसीमन के मुद्दे पर यह बहस केंद्र में रही कि जनसंख्या को आधार बनाया जाए या भौगोलिक क्षेत्रफल को। पक्ष और विपक्ष के युवा विधायकों ने अपने-अपने तर्कों के साथ विषय को मजबूती से रखा।
प्रश्नकाल के दौरान युवा विधायकों ने अपने-अपने क्षेत्रों की ज्वलंत समस्याओं को मुखरता से सदन के पटल पर रखा और समाधान की मांग की।
सुबह के सत्र में मुख्य अतिथि के रूप में संजय नेगी (राज्य पिछड़ा आयोग अध्यक्ष) उपस्थित रहे। उन्होंने कहा कि युवाओं में नेतृत्व क्षमता और नीति निर्माण की समझ विकसित करना समय की आवश्यकता है। उन्होंने युवाओं से सामाजिक समरसता और समावेशी विकास की दिशा में आगे बढ़ने का आह्वान किया।
विशिष्ट अतिथि वीरेंद्र जाती (विधायक, झबरेड़ा) ने कहा कि युवा संसद लोकतंत्र की पाठशाला है, जहां से भविष्य के जनप्रतिनिधि तैयार होते हैं।
कार्यक्रम की अध्यक्षता रघुवीर बिष्ट (अध्यक्ष, हिल डेवलपमेंट मिशन) ने की। उन्होंने कहा कि पर्वतीय राज्य उत्तराखंड की चुनौतियां विशिष्ट हैं, इसलिए नीति निर्माण में भौगोलिक परिस्थितियों को प्राथमिकता दी जानी चाहिए।
समापन सत्र में मुख्य अतिथि के रूप में कुसुम कंडवाल (महिला आयोग अध्यक्ष) ने युवाओं की भागीदारी को लोकतंत्र की मजबूती का आधार बताया।
विशिष्ट अतिथि नेहा जोशी, कर्नल अजय कोठियाल तथा सतीश घड़ियाल (राज्य शिक्षक संघ अध्यक्ष) ने भी विचार व्यक्त किए। कार्यक्रम की अध्यक्षता रेडियो के संस्थापक RJ काव्या ने की।
परिसीमन पर युवा विधायकों ने एक स्वर में कहा कि उत्तराखंड की पर्वतीय और मैदानी विविधता को ध्यान में रखते हुए संतुलित प्रतिनिधित्व सुनिश्चित किया जाना चाहिए, जिससे दूरस्थ क्षेत्रों की आवाज भी विधानसभा तक प्रभावी रूप से पहुंच सके।
कार्यक्रम के अंत में अभिषेक पंत को छठवीं युवा विधानसभा का बेस्ट स्पीकर घोषित किया गया।
अन्य पुरस्कारों में उत्कृष्ट विधायक – अभिनव बंसल, उत्कृष्ट पक्ष विधायक – शगुन चौहान, उत्कृष्ट विपक्ष विधायक – हिमांशु मेहता, उत्कृष्ट मंत्री – दिवाकर गोदियाल तथा उत्कृष्ट महिला विधायक – आयुषी खंडूरी को सम्मानित किया गया।
मंच संचालन सौरभ ममगाईं एवं कुलदीप सेमवाल ने किया।
इस अवसर पर युवा आह्वान निदेशक रोहित ध्यानी, अध्यक्ष प्रकाश गौड़, उपाध्यक्ष ईश्वर बिष्ट, सचिव लक्ष्मण नेगी, कोषाध्यक्ष प्रशांत बडोनी सहित कनिका नेगी, संकित राणा, संदीप काला, अनुज रावत, कमल मिश्रा, नवीन वर्मा, सोबन नेगी, हरीश आदि उपस्थित रहे।
कार्यक्रम में युवाओं के उत्साह और सारगर्भित बहस ने यह सिद्ध किया कि उत्तराखंड का युवा वर्ग न केवल जागरूक है, बल्कि राज्य के विकास के प्रति गंभीर और प्रतिबद्ध भी है।
