प्रकृति प्रेमियों का इंतजार खत्म, 1 जून से खुलेंगे फूलों की घाटी के द्वार

By: Naveen Joshi

On: Saturday, May 30, 2026 2:39 PM

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चमोली, (प्रदीप लखेड़ा)। यूनेस्को की विश्व प्राकृतिक धरोहर सूची में शामिल प्रसिद्ध फूलों की घाटी राष्ट्रीय उद्यान को 1 जून से पर्यटकों और प्रकृति प्रेमियों के लिए खोलने की सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। वैली ऑफ फ्लावर्स नेशनल पार्क प्रशासन ने घाटी तक पहुंचने वाले पैदल मार्गों की मरम्मत और आवश्यक व्यवस्थाएं पूर्ण कर दी हैं। इस वर्ष पर्यटकों को घाटी में हिमखंडों के दुर्लभ एवं मनमोहक दृश्य भी देखने को मिलेंगे।

वैली ऑफ फ्लावर्स नेशनल पार्क की रेंज अधिकारी चेतना कांडपाल ने बताया कि 1 जून को विधिवत द्वार पूजन के बाद घाटी को पर्यटकों के लिए खोल दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि पार्क कर्मियों द्वारा लगातार गश्त कर क्षेत्र की निगरानी की जा रही है। शीतकालीन बर्फबारी से क्षतिग्रस्त हुए पैदल मार्गों की मरम्मत कर दी गई है तथा बामणधोड़ और स्यूचंद नालों पर अस्थायी पुलियां भी तैयार कर ली गई हैं।

उन्होंने कहा कि इस बार फूलों की घाटी की यात्रा के दौरान पर्यटक घोसा नाला और लेगी नाला क्षेत्र में हिमखंडों का भी दीदार कर सकेंगे, जो इस यात्रा को और अधिक रोमांचक एवं यादगार बनाएगा। पार्क प्रशासन ने पर्यटकों की सुविधा और सुरक्षा के लिए सभी आवश्यक प्रबंध कर लिए हैं।

गौरतलब है कि फूलों की घाटी प्रत्येक वर्ष 1 जून से 31 अक्टूबर तक पर्यटकों के लिए खुली रहती है। जैव विविधता से समृद्ध इस घाटी में प्रतिवर्ष 300 से अधिक प्रजातियों के हिमालयी पुष्प खिलते हैं। जून के मध्य से अगस्त तक घाटी विभिन्न रंगों के फूलों से आच्छादित होकर किसी स्वर्गिक उपवन का आभास कराती है। इस समय भी कई प्रजातियों के हिमालयी फूल खिलने शुरू हो गए हैं।

समुद्र तल से लगभग 12,995 फीट की ऊंचाई पर स्थित यह राष्ट्रीय उद्यान चमोली जनपद में 87.5 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में फैला हुआ है और नंदा देवी बायोस्फीयर रिजर्व का महत्वपूर्ण हिस्सा है। दुर्लभ वन्यजीव, रंग-बिरंगी तितलियां, औषधीय जड़ी-बूटियां, जीवनदायिनी वनस्पतियां, प्राकृतिक झरने तथा रतवन ग्लेशियर से निकलने वाली पुष्पावती नदी इसकी प्राकृतिक सुंदरता को और बढ़ाते हैं।

इसके अलावा रोमांच और ट्रैकिंग के शौकीनों के लिए यहां 17 किलोमीटर लंबा ऐतिहासिक एवं साहसिक फूलों की घाटी–कुंठ खाल–हनुमान चट्टी ट्रैक भी आकर्षण का प्रमुख केंद्र है।

प्रकृति की अनुपम सुंदरता और हिमालयी पुष्पों की अद्भुत दुनिया को करीब से देखने के इच्छुक पर्यटकों के लिए फूलों की घाटी एक बार फिर अपने द्वार खोलने को तैयार है।

यह संस्करण समाचार पत्र में प्रकाशन के लिए अधिक औपचारिक, प्रवाहपूर्ण और आकर्षक शैली में तैयार किया गया है।

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