देहरादून। गुरु नानक कॉलेज, देहरादून में चल रहे पाँच दिवसीय इंडक्शन प्रोग्राम “विद्या शक्ति 2025” के चौथे दिन (28 अगस्त) छात्रों ने ज्ञान, स्वास्थ्य और सांस्कृतिक गतिविधियों का संगम देखा। कार्यक्रम की शुरुआत कॉलेज उपाध्यक्ष सुनील कुमार मलिक ने की। उन्होंने कार्यक्रम की रूपरेखा व उद्देश्य पर प्रकाश डालते हुए कहा कि इसका मकसद छात्रों को अकादमिक मार्गदर्शन के साथ सामाजिक जिम्मेदारी और नेतृत्व क्षमता से भी परिचित कराना है।
कॉलेज क्लब्स की जानकारी सोनाक्षी शर्मा ने दी और छात्रों ने विभिन्न क्लबों में नामांकन कर सांस्कृतिक प्रस्तुतियों — डांस और सिंगिंग के जरिए अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया।
विशेष व्याख्यान सत्र में डीप कनेक्शन इनोवेशन प्राइवेट लिमिटेड के निदेशक ऋषिकांत उपाध्याय ने “Product & Systems Thinking AI: Building Your Future Today” विषय पर छात्रों को संबोधित किया। इसके बाद चंदन डायग्नोस्टिक सेंटर के रेडिएशन सेफ्टी ऑफिसर शुभम पाल ने प्रेरक विचार साझा किए।
दिनभर विभिन्न स्वास्थ्य जांच शिविर आयोजित किए गए, जिनमें फार्मेसी, ऑप्टोमेट्री, फिजियोथेरेपी, बीएमआरआईटी, नर्सिंग और बीबीए विभाग के छात्रों ने सक्रिय भूमिका निभाई। ब्लड प्रेशर, ऑक्सीजन स्तर, पल्स और नेत्र जांच के साथ ही फिजियोथेरेपी छात्रों ने व्यायाम संबंधी परामर्श भी दिया। इन गतिविधियों का संचालन अनिशा आर्य और आस्था सिंह के निर्देशन में हुआ।
कॉलेज की ओर से सहसपुर और बिहारी बस्ती (हेलीपैड के पास) में भी सामुदायिक स्वास्थ्य शिविर लगाए गए। Humans for Humanity के सहयोग से आयोजित इस शिविर में स्थानीय लोगों को मुफ्त मेडिकल जांच, शुगर-स्क्रीनिंग, दवाइयाँ, स्वास्थ्य एवं स्वच्छता जागरूकता, किशोरों के लिए आहार परामर्श और निशुल्क सैनिटरी पैड वितरण जैसी सेवाएँ उपलब्ध कराई गईं।
इसी क्रम में डॉ. भूपेंद्र भारती के मार्गदर्शन में बीसीए छात्रों ने UPES बिधोली कैंपस स्थित एआई लैब का औद्योगिक भ्रमण किया। यहाँ छात्रों ने ब्रिजिट टेक्नोलॉजीज स्टार्टअप टीम से संवाद कर आधुनिक तकनीकी और स्टार्टअप संस्कृति का प्रत्यक्ष अनुभव लिया।
कॉलेज प्रबंधन का कहना है कि विद्या शक्ति 2025 छात्रों को अकादमिक, प्रोफेशनल, पर्सनैलिटी डेवलपमेंट और लीडरशिप के क्षेत्र में नई दिशा देगा। कार्यक्रम की सफलता में शिक्षण एवं गैर-शिक्षण स्टाफ का योगदान सराहनीय रहा।
