देहरादून, पर्यावरण में शहद की मिठास घोलने वाली मधुमक्खियों के संरक्षण के प्रति जागरूक करने के लिए ग्राफिक एरा में विश्व मधुमक्खी दिवस मनाया गया।
आज, ग्राफिक एरा डीम्ड यूनिवर्सिटी में प्रकृति से प्रेरणा लें, सभी को पोषण दें थीम पर कार्यक्रम का आयोजन किया गया। छात्र-छात्राओं ने विश्वविद्यालय परिसर में रैली निकाल कर लोगों को पर्यावरण में मधुमक्खियों की महत्ता के प्रति जागरूक किया। इस अवसर पर बायोटेक्नोलॉजी विभाग के प्रोफेसर डॉ. वी. पी. उनियाल ने कहा कि आवासीय क्षति, कीटनाशकों का अनियंत्रित उपयोग, जलवायु परिवर्तन, बीमारियां व शोध की कमी जैसी समस्याएं मधुमक्खियों के अस्तित्व पर गंभीर खतरा बनती जा रही हैं। उन्होंने छात्र-छात्राओं से मधुमक्खियों पर शोध करने का आवाहन किया।
जैव विविधता सलाहकार डॉ. वंदना मेहरवार ने भारत में पाई जाने वाली मधुमक्खियों की विभिन्न प्रजातियों व पारिस्थितिक संतुलन को बनाए रखने में उनकी भूमिका पर प्रकाश डाला। इस मौके पर छात्र-छात्राओं ने देहरादून फॉरेस्ट डिवीजन के झाझरा रेंज स्थित आनंद वन का दौरा किया, जहां विशेषज्ञों ने उन्हें मधुमक्खियों व अन्य पोलिनेटर्स के बारे में विस्तार से जानकारी दी। कार्यक्रम का आयोजन ग्राफिक एरा के सेंटर फॉर सस्टेनेबल इकोलॉजी एंड बायोडायवर्सिटी रिसर्च ने किया। कार्यक्रम में प्रोफेसर डॉ. मनु पंत के साथ शिक्षक- शिक्षिकाएं और छात्र-छात्राएं मौजूद रहे।
