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वन्य जीवों से नुकसान पर मुआवजे का दायरा बढ़ाने की दिशा में सरकार गंभीर

देहरादून। प्रदेश में वन्य जीवों से होने वाले नुकसान के मामलों में राहत देने के लिए राज्य सरकार लगातार कदम उठा रही है। अब तक कई प्रकार के नुकसान मुआवजे की व्यवस्था से बाहर थे, लेकिन सरकार ने महत्वपूर्ण निर्णय लेकर प्रभावित लोगों को राहत देने का प्रयास किया है।
सरकार अब भालुओं द्वारा किसानों की फसलों को होने वाले नुकसान को भी मुआवजे के दायरे में लाने पर गंभीरता से विचार कर रही है। इससे पहले भालुओं से मकान या भवनों को होने वाली क्षति पर मुआवजा देने का निर्णय सरकार द्वारा लागू किया जा चुका है।
सरकार के चार वर्ष के कार्यकाल में वन्य जीवों से होने वाले नुकसान पर मुआवजे की व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में कई महत्वपूर्ण फैसले लिए गए हैं। वन्य जीवों के हमले से मृत्यु होने की स्थिति में मिलने वाली मुआवजा राशि को चार लाख से बढ़ाकर छह लाख रुपये किया गया है, जो पीड़ित परिवारों के लिए बड़ी राहत माना जा रहा है।
इसके अलावा ततैंया और मधुमक्खी के हमले से होने वाले नुकसान को भी मुआवजे की श्रेणी में शामिल किया गया है, जिससे ऐसे मामलों में भी प्रभावित लोगों को सहायता मिल सकेगी।
राज्य विधानसभा के बजट सत्र के दूसरे दिन प्रश्नकाल के दौरान वन मंत्री सुबोध उनियाल ने बताया कि भालुओं के व्यवहार में आए बदलाव और उससे हो रहे नुकसान को सरकार गंभीरता से देख रही है। इस संबंध में अध्ययन के लिए भारतीय वन्य जीव संस्थान को विस्तृत रिपोर्ट तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं।
वन मंत्री ने कहा कि संस्थान की रिपोर्ट के आधार पर सरकार आगे आवश्यक कदम उठाएगी। साथ ही भालुओं द्वारा फसलों को होने वाले नुकसान पर मुआवजा देने के प्रस्ताव पर भी सरकार गंभीरता से विचार कर रही है, ताकि किसानों को राहत मिल

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