चमोली (प्रदीप लखेड़ा)।
जिले के ग्राम खैनुरी के बराली स्थान के समीप जंगल क्षेत्र में एक अज्ञात नवजात शिशु का शव मिलने से क्षेत्र में सनसनी फैल गई। बाल कल्याण समिति गोपेश्वर द्वारा कोतवाली चमोली को इस संबंध में सूचना दी गई, जिसके बाद पुलिस बल तत्काल मौके पर पहुंचा।
घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक चमोली सुरजीत सिंह पंवार ने तत्काल संज्ञान लेते हुए वैज्ञानिक साक्ष्य संकलन के लिए फील्ड यूनिट (फॉरेंसिक टीम) एवं एसओजी टीम को घटनास्थल पर भेजा। फॉरेंसिक टीम द्वारा मौके पर आवश्यक साक्ष्य एकत्रित किए गए।
पुलिस द्वारा मौके पर की गई प्रारंभिक पूछताछ में ग्राम प्रधान खैनुरी एवं स्थानीय ग्रामीणों ने बताया कि घास काटने व पशु चराने के दौरान जंगल गए लोगों को उक्त नवजात शिशु का शव दिखाई दिया। प्राथमिक निरीक्षण में प्रथम दृष्टया यह प्रतीत हुआ कि शव के कुछ हिस्सों को जंगली जानवर द्वारा खाया गया है तथा शरीर पर जगह-जगह खरोंच के निशान पाए गए हैं।
मौके पर उपस्थित आशा कार्यकर्ता ने अपने अनुभव के आधार पर बताया कि शिशु पूर्णतः विकसित अवस्था में था। शिशु की गर्भावधि लगभग 7-8 माह की प्रतीत हो रही है तथा नौ माह पूर्ण होने में कुछ ही दिन शेष रहे होंगे।
पुलिस द्वारा पंचायतनामा की कार्रवाई पूर्ण कर शव को अग्रिम विधिक कार्रवाई एवं पोस्टमार्टम हेतु जिला चिकित्सालय गोपेश्वर भेज दिया गया है, जहां शव को शिनाख्त के प्रयासों के लिए 72 घंटे तक सुरक्षित रखा जाएगा। निर्धारित समयावधि में पहचान न होने की स्थिति में विधिवत पोस्टमार्टम किया जाएगा तथा भविष्य की जांच के लिए डीएनए सैंपल भी सुरक्षित रखे जाएंगे। नवजात की मृत्यु का वास्तविक कारण पोस्टमार्टम रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।
पुलिस टीम द्वारा स्थानीय लोगों से गहन पूछताछ की जा रही है। साथ ही आशा कार्यकर्ताओं, सरकारी एवं गैर-सरकारी चिकित्सालयों से क्षेत्र की गर्भवती महिलाओं से संबंधित जानकारी भी जुटाई जा रही है, ताकि मामले के हर पहलू की सूक्ष्मता से जांच की जा सके।
पुलिस ने जनता से अपील की है कि यदि किसी व्यक्ति के पास इस घटना से संबंधित कोई भी महत्वपूर्ण जानकारी हो, तो वह पुलिस से संपर्क करे। सूचना देने वाले की पहचान पूर्णतः गोपनीय रखी जाएगी।
