Prabhat Chingari
उत्तराखंडमनोरंजन

केक से मुंह मीठा कर मनाया गौरैया दिवस

देहरादून ,गौरैया दिवस के अवसर पर टीम मैं हूं सेवादार के सदस्यों ने धर्मपुर चौक पर केक काटकर गौरैया का जन्मदिन मनाया और लोगों से आह्वान किया कि हम छोटे-छोटे प्रयास करके गौरैया रानी को पुनः अपने घर आमंत्रित कर सकते हैं शहरीकरण की जिंदगी में आगे दौड़ पीछे छोड़ की भावना दिन प्रतिदिन बढ़ती जा रही है परंतु कुछ ऐसे गौरैया प्रेमी हैं जो पागलपन की हद तक जाकर इस काम को अंजाम तक पहुंचने पर आतुर है हजारों सालों से इंसानों के आसपास रहने वाली गौरैया की चहचहाट अब कब सुनाई देती है देखा जाए तो कहीं ना कहीं इसके लिए हम इंसान ही जिम्मेदार हैं धीरे-धीरे कृषि भूमि के अधिकांश भाग पर कंक्रीट का जंगल खड़ा होता जा रहा है इसके साथ ही गौरैया के सामने भोजन का संकट घरों की बनावट का बदलता स्वरूप बाग बगीचों का कटान धीरे-धीरे ही हमें गौरैया से दूर करता जा रहा है हम सभी मनुष्यों का स्वभाव है कि हम अपने जीवन में और समाज और समाज में सुखद परिवर्तन की उम्मीद लगाए बैठे हैं परंतु हर परिवर्तन के लिए कोई ना कोई कीमत या आहुति देनी होती है जिसके लिए हम अक्सर किंतु परंतु दाया बाया और तर्क पर कुतर्क का सहारा लेकर पल्ला झाड़ लेते हैं परंतु टीम मैं हूं सेवादार खुली आंखों से इस सपने को दिन रात पूरा करने में लगी है गौरैया को फिर से घरों में पुन बसाने के लिए चरणबद् तरीके से कार्य कर रही है टीम अधिकांश रविवार के दिन नए-नए क्षेत्रों में जाकर गौरैया के आवागमन के स्थान को चिन्हित करके वहां नए घोसला लगाने का प्रयास करती है साथी लोगों जागरूक भी करती है की आप अपने घरों के आसपास दाना पानी और पेड़ पौधे लगाकर पुनः गौरैया की मधुर चहचाहट सुन सकते हैं बताते चलें कि गौरैया से हमारा वर्षों पुराना नाता रहा है गौरैया को किसान मित्र भी कहा जाता है क्योंकि फसलों को नुकसान पहुंचाने वाले कीट पतंगो को खाकर फसलों को भी सुरक्षित करती है आज कहीं ना कहीं मनुष्य अपनी दैनिक जीवन शैली परिवर्तन के कारण नकारात्मकता की और बढ़ रहा है पक्षियों पेड़ पौधों की देखभाल भी हमारे जीवन में सकारात्मक चक्र का निर्माण करते हैं कहते हैं कि सेवा में मैग्नेटिक पावर होती है जो चुंबकीय रूप में काम करती है और अगर यह मन की पवित्र भावना से हो तो एक और एक ग्यारह के रूप में काम करती है टीम सेवादार यह मानती और जानती है कि हम सब पर इस देश का कर्ज है उस कर्ज को उतार पाना तो बहुत मुश्किल है परंतु सेवा के माध्यम से उसे कर्ज को कम जरूर किया जा सकता है तो आओ मिलकर संकल्प लें हम गौरैया को पुनः देहरादून में लाने तक चुप नहीं बैठेंगे इस अभियान में नवीन, धीरज ,राजेंद्र रावत, हरेंद्र भारद्वाज, प्रवीण सैनी मदन जोशी ,विवेक अग्रवाल अरविंद अग्रवाल,संजय गर्ग सिद्धार्थ ओबेरॉय, सुरेंद्र भारद्वाज ,संजीव मिश्रा ,पूनम जोशी ;मनीषा डोबरियाल कैलाश कुड़ियाल, विनोद गॉड ,ललित मोहन शर्मा, भानु रावत ,सरदार चन्नी, एवं संदीप गुप्ता आदि सहयोगी भाव से कार्य कर रहे हैं

Related posts

ईडीआईआई ने ‘उद्यमिता पखवाड़ा’ के माध्यम से उद्यमिता के लिए राष्ट्र स्तर पर अभियान की शुरुआत की

cradmin

भारतीय मानकों की जानकारी के साथ उपभोक्ता अधिकारों पर हुई चर्चा

cradmin

एसबीआई कार्ड और फोनपे ने की रणनीतिक साझेदारी; लॉंच किया को-ब्रांडेड फोनपे एसबीआई कार्ड

cradmin

आर्यन स्कूल में नए छात्रों के लिए ओरिएंटेशन कार्यक्रम आयोजित

prabhatchingari

प्रेमलता सजवाण के कहानी संग्रह “नन्हें कलमकार” का हुआ लोकार्पण

prabhatchingari

आपदा प्रबंधन पर एनडीआरएफ का प्रशिक्षण सम्पन्न…

cradmin

Leave a Comment