दीप्ति शर्मा “प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट”, शेफाली वर्मा “प्लेयर ऑफ द मैच” घोषित
नवी मुंबई। भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने रविवार को इतिहास रचते हुए पहली बार महिला वनडे विश्व कप अपने नाम कर लिया। नवी मुंबई स्थित डी.वाई. पाटिल स्पोर्ट्स एकेडमी स्टेडियम में खेले गए रोमांचक फाइनल मुकाबले में भारत ने दक्षिण अफ्रीका को 52 रन से पराजित कर विश्व चैंपियन बनने का गौरव हासिल किया। भारतीय टीम की जीत में दीप्ति शर्मा और शेफाली वर्मा के ऑलराउंड प्रदर्शन ने निर्णायक भूमिका निभाई। टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने उतरी दक्षिण अफ्रीकी टीम के सामने भारत ने निर्धारित 50 ओवरों में छह विकेट पर 298 रन बनाए। ओपनर शेफाली वर्मा ने ताबड़तोड़ बल्लेबाजी करते हुए मात्र 78 गेंदों में 87 रन बनाए, जिसमें 12 चौके और 2 छक्के शामिल थे। उनके साथ दीप्ति शर्मा ने 58 रनों की जिम्मेदार पारी खेली, जबकि कप्तान हरमनप्रीत कौर ने 45 और रिचा घोष ने 32 रन जोड़े। दक्षिण अफ्रीका की ओर से आयबोंगा खाका और नादिन डी क्लार्क ने दो-दो विकेट हासिल किए, लेकिन भारतीय बल्लेबाजों के सामने वे दबाव बनाए रखने में नाकाम रहीं। लक्ष्य का पीछा करने उतरी दक्षिण अफ्रीका की टीम को भारतीय गेंदबाजों ने शुरू से ही जकड़ लिया। दीप्ति शर्मा ने अपनी फिरकी से कहर बरपाते हुए 10 ओवर में सिर्फ 39 रन देकर पांच विकेट झटके, जबकि शेफाली वर्मा ने दो विकेट लेकर भारत की पकड़ और मजबूत की। दक्षिण अफ्रीका की पूरी टीम 45.3 ओवर में 246 रन पर सिमट गई। भारत की इस ऐतिहासिक जीत में शेफाली वर्मा को उनके शानदार प्रदर्शन के लिए “प्लेयर ऑफ द मैच” और दीप्ति शर्मा को पूरे टूर्नामेंट में शानदार ऑलराउंड खेल के लिए “प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट” के सम्मान से नवाजा गया। इस जीत के साथ भारत महिला वनडे विश्व कप जीतने वाली चौथी टीम बन गई है। इससे पहले ऑस्ट्रेलिया (7 बार), इंग्लैंड (4 बार) और न्यूजीलैंड (1 बार) यह खिताब जीत चुकी हैं। भारत ने इससे पूर्व 2005 और 2017 में फाइनल में जगह बनाई थी, लेकिन खिताब से दूर रह गया था। 52 वर्षों के लंबे इंतज़ार के बाद आया यह विश्व कप जीत का पल भारतीय महिला क्रिकेट के लिए स्वर्णिम अध्याय के रूप में दर्ज हो गया।
