गुरुग्राम। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गुरुग्राम में आयोजित AWPL के भव्य “विजय पर्व” कार्यक्रम में प्रतिभाग करते हुए डायरेक्ट सेलिंग मॉडल को आत्मनिर्भर भारत की दिशा में एक सशक्त माध्यम बताया। उन्होंने कहा कि यह मॉडल युवाओं को “जॉब सीकर” से “जॉब क्रिएटर” बनने की दिशा में प्रेरित करता है।
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि कार्यक्रम के माध्यम से उन प्रतिभाशाली और परिश्रमी सहयोगियों को सम्मानित किया जा रहा है, जिन्होंने अपने प्रयासों से सफलता के नए आयाम स्थापित किए हैं। उन्होंने कहा कि डायरेक्ट सेलिंग मॉडल के जरिए उत्पाद सीधे उपभोक्ताओं तक पहुंच रहे हैं, जिससे जहां गुणवत्तापूर्ण उत्पाद मिल रहे हैं, वहीं लाखों लोगों को स्वरोजगार के अवसर भी प्राप्त हो रहे हैं।
उन्होंने कार्यक्रम में उमड़ी भीड़ का उल्लेख करते हुए कहा कि यह इस क्षेत्र की बढ़ती लोकप्रियता और प्रभाव का प्रमाण है। मुख्यमंत्री ने AWPL के प्रबंध निदेशक एवं सीईओ डॉ. संजीव कुमार और उनकी टीम को सफल आयोजन के लिए बधाई दी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में युवाओं को आत्मनिर्भर बनने की दिशा में प्रोत्साहित किया जा रहा है। डायरेक्ट सेलिंग मॉडल इसी सोच का उदाहरण है, जो न केवल आर्थिक सशक्तिकरण बल्कि व्यक्तित्व विकास का भी माध्यम बन रहा है।
उन्होंने महिलाओं की बढ़ती भागीदारी पर विशेष जोर देते हुए कहा कि मातृशक्ति इस प्रकार के प्लेटफॉर्म के माध्यम से परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत कर रही है और समाज में अपनी पहचान बना रही है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि केंद्र सरकार द्वारा वर्ष 2021 में डायरेक्ट सेलिंग क्षेत्र के लिए उपभोक्ता संरक्षण नियम लागू किए गए, जिससे पारदर्शिता और विश्वसनीयता सुनिश्चित हुई है तथा उपभोक्ता हितों की सुरक्षा मजबूत हुई है।
उन्होंने कहा कि देश में डायरेक्ट सेलिंग इंडस्ट्री तेजी से विस्तार कर रही है और अर्थव्यवस्था को मजबूती प्रदान कर रही है। प्रधानमंत्री के “रिफॉर्म, परफॉर्म और ट्रांसफॉर्म” के दृष्टिकोण के तहत देश में निवेश, इंफ्रास्ट्रक्चर, शिक्षा, स्वास्थ्य और महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति हुई है।
मुख्यमंत्री ने “स्टार्टअप इंडिया”, “मेक इन इंडिया”, “स्किल इंडिया” और “डिजिटल इंडिया” जैसी योजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि इन पहलों से भारत आत्मनिर्भरता की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है और वैश्विक स्तर पर मजबूत पहचान बना रहा है।
उन्होंने उत्तराखंड में हो रहे विकास कार्यों का उल्लेख करते हुए बताया कि वर्ष 2023 में आयोजित ग्लोबल इनवेस्टर्स समिट के तहत 3.56 लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश समझौते हुए, जिनमें से 1 लाख करोड़ रुपये से अधिक के प्रस्ताव धरातल पर उतर चुके हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य की अर्थव्यवस्था निरंतर सुदृढ़ हो रही है, जिसमें जीएसडीपी में 7.23 प्रतिशत वृद्धि और प्रति व्यक्ति आय में लगभग 41 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। राज्य का वार्षिक बजट 60 हजार करोड़ रुपये से बढ़कर 1 लाख करोड़ रुपये से अधिक हो गया है।
उन्होंने बताया कि राज्य में 20 हजार से अधिक नए उद्योग स्थापित हुए हैं और स्टार्टअप्स की संख्या 700 से बढ़कर 1750 से अधिक हो गई है। साथ ही हेलिपोर्ट और हेलिपैड की संख्या में वृद्धि से कनेक्टिविटी और आपदा प्रबंधन को मजबूती मिली है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि बिजली उत्पादन में तीन गुना से अधिक वृद्धि हुई है, जबकि पर्यटन क्षेत्र में होटल उद्योग में लगभग 25 प्रतिशत और होमस्टे में 50 प्रतिशत से अधिक की बढ़ोतरी दर्ज की गई है, जिससे स्थानीय रोजगार को बढ़ावा मिला है।
उन्होंने बताया कि उत्तराखंड ने सार्वजनिक वित्तीय प्रबंधन में देश में दूसरा स्थान प्राप्त किया है तथा Ease of Doing Business और Startup Ranking में भी अग्रणी स्थान हासिल किया है। नीति आयोग के एसडीजी इंडेक्स में राज्य को प्रथम स्थान प्राप्त हुआ है।
मुख्यमंत्री ने “वोकल फॉर लोकल” और “लोकल टू ग्लोबल” की अवधारणा को आगे बढ़ाने की अपील करते हुए “हाउस ऑफ हिमालयाज” ब्रांड का उल्लेख किया, जिसके माध्यम से स्वयं सहायता समूहों के उत्पादों को वैश्विक पहचान मिल रही है। उन्होंने कहा कि प्रदेश की लगभग पौने तीन लाख महिलाएं “लखपति दीदी” बनकर सशक्तिकरण की दिशा में अग्रसर हैं।
अंत में मुख्यमंत्री ने सभी से विकसित और आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को साकार करने में सक्रिय भागीदारी का आह्वान किया।




